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Yamuna Nagar News: जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़, डॉक्टर सीटों से नदारद

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जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराने के लिए लगी भीड़। संवाद
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार सुबह जैसे ही ओपीडी शुरू हुई, अस्पताल परिसर में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ा। रविवार और 26 जनवरी की छुट्टी के बाद खुले अस्पताल में हालात ऐसे थे कि हर काउंटर पर लंबी कतारें दिखाई दीं। पर्ची बनवाने से लेकर दवा लेने तक मरीज और उनके तीमारदार घंटों कतार में खड़े नजर आए, लेकिन दोपहर होते-होते अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराती दिखाई दी।
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दोपहर 12:27 बजे फिजीशियन की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ जमा थी, लेकिन डॉक्टर अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे। कई मरीज कुर्सियों पर बैठे इंतजार करते रहे, तो कई जमीन पर बैठकर डॉक्टर के आने की उम्मीद लगाए रहे। मरीजों ने बताया कि वे करीब दो घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही कि डॉक्टर कहां हैं। इसी तरह हड्डी रोग विभाग के बाहर भी हालात कुछ अलग नहीं थे। यहां भी डॉक्टर सीट पर नहीं मिले, जबकि बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। दर्द से परेशान बुजुर्ग और महिलाएं बार-बार ओपीडी के भीतर झांकती रहीं, लेकिन डॉक्टर का कोई अता-पता नहीं था। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ सीट पर थे, लेकिन बाहर इतनी भीड़ थी कि जिसे देखते हुए लग रहा था कि मरीजों का नंबर दो घंटे बाद भी नहीं आएगा।
आहार विशेषज्ञ भी दोपहर में अपनी सीट से नदारद मिलीं, हालांकि कुछ देर बाद वे लौटीं, वहीं एक अन्य विभाग के डॉक्टर, जो आमतौर पर सुबह से दोपहर तक ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखते हैं, वे भी मंगलवार दोपहर अपनी सीट पर नहीं मिले। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर 12 बजे से किसी मीटिंग में गए हुए हैं। इस पर मरीजों और तीमारदारों में नाराजगी साफ नजर आई। लोगों का कहना था कि ओपीडी समय में मीटिंग करना गलत है। एक मरीज ने कहा कि हम सुबह से कतार में लगे हैं, छुट्टी लेकर आए हैं। अगर डॉक्टर मीटिंग में चले जाएंगे तो इलाज कैसे होगा? मीटिंग का समय ओपीडी खत्म होने के बाद रखा जाए।
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दोपहर 12 बजे से हुए अल्ट्रासाउंड
अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर भी सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटी रही। मरीजों ने बताया कि वे सुबह 9 बजे से लाइन में बैठे हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड करने वाली डॉक्टर दोपहर करीब 12 बजे पहुंचीं। तीन घंटे से ज्यादा इंतजार के बाद मरीजों में नाराजगी देखने को मिली। अस्पताल में ओपीडी काउंटर अलग-अलग होने के बावजूद पर्ची बनवाने के लिए भारी भीड़ लगी रही। दवा वितरण केंद्र पर भी हालात बेहद खराब रहे। दवा लेने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। कई मरीजों का कहना था कि जिला अस्पताल में एक दिन इलाज कराने में ही पूरा दिन निकल जाता है। छुट्टियों के बाद बढ़ी मरीजों की संख्या के सामने जिला नागरिक अस्पताल की व्यवस्था बिखरी नजर आईं। डॉक्टरों की गैरहाजिरी और लंबी कतारों ने मरीजों की परेशानी और बढ़ा दी।



मां को व्हील चेयर पर लेकर घूम रहे हैं : तारा चंद

गांव जयपुर निवासी तारा चंद ने बताया कि वह अपनी मां दिल्लो देवी को लेकर सुबह 10 बजे से अस्पताल में आया हुआ है। अब 12:45 बज गए हैं, लेकिन फिजिशियन सीट पर नहीं है। उसकी मां के पेट में बहुत ज्यादा दिक्कत है। डॉक्टर कब आएंगे यहां बताने वाला भी कोई नहीं है। वह सुबह से मां को व्हील चेयर पर लेकर घूम रहे हैं।


दो घंटे से बैठा हूं : पवन कुमार
जगाधरी की काहरान गली निवासी पवन कुमार ने बताया कि वह तीन दिन पहले भी आया था, लेकिन उसे दवा नहीं मिली। डॉक्टर ने उसे पीलिया की शिकायत बताई थी। आज वह दो घंटे से फिजिशियन का इंतजार कर रहा है, लेकिन डॉक्टर सीट पर नहीं है। किसी को कुछ पता नहीं डॉक्टर कब आएंगे।

डॉक्टर ओपीडी के समय में मरीजों की जांच करने के बजाय कहां जा रहे हैं इसका पता कराया जाएगा, साथ ही मैं भी इसका औचक निरीक्षण करुंगा। मरीजों को उपचार के लिए कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए इसके लिए सभी को सख्त निर्देश दे रखे हैं।
- डॉ. जितेंद्र सिंह, सिविल सर्जन, यमुनानगर।

जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराने के लिए लगी भीड़। संवाद

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जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ से चेकअप कराने के लिए लगी भीड़। संवाद

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