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Yamuna Nagar News: लाल बत्ती पार करने पर निलंबित होगा लाइसेंस

Fri, 02 Jan 2026 12:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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जगाधरी रोड पर मोबाइल पर बाते करते जाता स्कूटर सवार। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों के पीछे लाल बत्ती करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बड़ी वजह सामने आ रहा है। आए दिन शहर और ग्रामीण सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं में लोग जान गंवा रहे हैं या गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं।
अब जिला प्रशासन ने रेड लाइट जंप करने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का मानना है कि कड़ी कार्रवाई से ही लापरवाह चालकों पर लगाम लगाई जा सकती है और हादसों को भी कम किया जा सकता है। वर्ष 2025 में जिला में हुए सड़क हादसों में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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जिले में इस साल एक जनवरी से लेकर 19 दिसंबर तक 380 सड़क हादसे हुए। जिनमें 220 लोगों की जान गई और 310 लोग घायल हुए।
वहीं 2024 में 365 सड़क हादसों में 196 लोगों की जान गई थी। सड़क हादसों की बड़ी वजह वाहन चालकों की लापरवाही भी होती है। अब तक ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वालों का केवल चालान काटकर औपचारिकता निभाती रही, लेकिन इससे न तो लोगों की आदतों में सुधार हुआ और न ही हादसों में कमी आई। डीसी प्रीति ने इसे गंभीरता से लिया है। रेड लाइट जंप करने और वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
डीसी ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अब जो भी रेड लाइट जंप करता है या फिर वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करेगा उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जाए। शहर के व्यस्त चौराहों पर रेड लाइट जंप के कारण वाहनों के टकराव की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिनमें दोपहिया वाहन सवार और पैदल राहगीर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं मोबाइल फोन पर बात करते या मैसेज देखते हुए ड्राइविंग करने से चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है, जिससे अचानक ब्रेक लगने या सामने से आ रहे वाहन को संभालने में चूक हो जाती है। कई मामलों में यह चूक जानलेवा साबित हुई है। हालांकि चालानों के आंकड़े इन खतरों की गंभीरता को नहीं दर्शाते।
इस साल अक्तूबर में रेड लाइट जंप के केवल 22 चालान किए गए। नवंबर में यह संख्या घटकर छह रह गई। मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने के अक्तूबर में नौ और नवंबर में सिर्फ पांच चालान ही किए गए। इसके विपरीत वास्तविकता यह है कि शहर से लेकर ग्रामीण सड़कों तक दिनभर ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं। हर चौक पर रेड लाइट तोड़ते वाहन और हाथ में मोबाइल लिए चालक आम नजर आते हैं।
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पुलिस और प्रशासन का कहना है कि हादसों को रोकने के लिए अब सख्त कदम जरूरी हैं। लाइसेंस सस्पेंड होने का डर लोगों को नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करेगा। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित चेकिंग बढ़ाएं और हादसों की आशंका वाले स्थानों पर विशेष नजर रखें। इसमें लापरवाही न करें।
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