फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 70 पार

Mon, 02 Jun 2014 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जगाधरी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में मलेरिया के मरीजों का आंकड़ा 70 पार कर चुका है। अगर इसमें निजी अस्पतालों में इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या को जोड़ लिया जाए, तो यह संख्या 150 से ज्यादा हो सकती है।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक महीने दर महीने मलेरिया पॉजिटिव केसों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अगर विभाग ने समय रहते मलेरिया की रोकथाम के लिए उचित कदम नहीं उठाए, तो स्थिति बद से बदतर होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। वहीं मलेरिया की रोकथाम के चलाए जा रहे अभियान में कर्मचारियों की कमी आडे़ आ रही है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी महीने में मलेरिया के तीन पॉजिटिव केस सामने आए। जबकि फरवरी में दो, मार्च में चार तथा अप्रैल में मलेरिया के 12 पॉजिटिव केस मिलें हैं। मलेरिया पॉजिटिव केस मिलने के मामले में मई माह में पिछले सारे महीनों का रिकार्ड टूट चुका है।
विज्ञापन


मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अभी तक मलेरिया पॉजिटिव के 32 केस सामने आ चुके हैं। जबकि महीना खत्म होने में अभी तक तीन दिन बाकी है।

जगाधरी के अशोक विहार तथा मुखर्जी पार्क में लारवे की भरमार
मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जगाधरी की अशोक विहार कॉलोनी, मुखर्जी पार्क कॉलोनी तथा यमुनानगर के कैंप क्षेत्र में मलेरिया मच्छर के लारवे की भरमार है। विभाग द्वारा की गई अभी तक की जांच में उपरोक्त तीनों कॉलोनियों में बड़ी मात्रा में लारवा मिल चुका है।

यही वजह है कि विभाग के अधिकारियों की चिंताएं बढ़ी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने एंटी लारवा का छिड़काव शुरू कर दिया है। लेकिन अभी तक स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि जब इस मौसम में इन कॉलोनियों में यह आलम है, तो बरसात के दिनों में क्या होगा, इसका अंदाजा खुद लगाया जा सकता है।

मलेरिया की रोकथाम में कर्मचारियों की कमी आ रही आडे़
मलेरिया की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कर्मचारियों की कमी आडे़ आ रही है। मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले में मल्टी पर्पज हेल्थ सुपरवाइजर की 27 पद स्वीकृत है। जिनमें से 20 पद खाली पडे़ हुए हैं। मलेरिया पॉजिटिव केस सामने आने पर रेडिकल ट्रीटमेंट (दवा खिलाने) की जांच का जिम्मा मल्टी पर्पज हेल्थ सुपरवाइजर का होता है।

इसके अलावा मलेरिया पॉजिटिव मरीज के घर में किसी को मलेरिया है या नहीं, इसकी जांच करने की जिम्मेदारी भी एमपीएचएस की होती है। वहीं जिले में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर्स के 99 पद हैं, इनमें से  85 पद खाली पडे़ हुए हैं। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मलेरिया पॉजिटिव केस सामने आने पर मरीज के घर तथा आसपास के घरों में रहने वाले लोगों की स्लाइड तैयार करना होता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें