फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

22 एमएम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान, किसानों के चेहरे मुरझाए

विज्ञापन
crop loss due to hail - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
बदलते मौसम के कारण एक और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। वहीं किसानों के चेहरे मुरझाए हुए है। बुधवार से शुरू हुई बारिश ने जहां सड़कों पर लबालब कर दिया है। वहीं वीरवार को कुछ क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि से किसानों के माथे की लकीरों पर चिंता दिखाई देने लगी है। मौसम विभाग भी अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना बताई है।
विज्ञापन

बारिश के कारण जहां मौसम का मिजाज ठिठुरन में बदल गया है, वहीं ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज आंधी के कारण गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। शीत लहर ने आमजन जीवन को काफी प्रभावित किया। ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
बारिश व ओलावृष्टि ने गेहूं की फसल का भारी नुकसान किया है। इसके अलावा फलों व सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि ने किसानों को चिता में डाल दिया है। किसानों ने बताया कि इस बार किसनों द्वारा गेहूं की सीधी बुजाई की गई थी, जिसकी वजह से गेहूं की पैदावार पर असर पड़ा। अब बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की फसल पर बड़ा प्रभाव डाला है, जिससे गेहूं की पैदावार में कमी आएगी। ओलावृष्टि से गेहूं की फसल की बालियां टूट गई हैं और फसल आंधी के कारण जमीन पर बिछ गई है। इसकी कटाई अब हाथ से करवाना होगी। वहीं जड़ों में पानी भरने के कारण जड़े कमजोर होने का भी खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

22 एमएम बारिश से बिगड़ा जनजीवन वीरवार को 22 एमएम बरसात होने से जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया। बिलासपुर और आसपास के क्षेत्र में तेज बारिश, आंधी के साथ ओलावृष्टि हुई। सड़कों पर भी पानी भरा रहा, जिस कारण लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ओलावृष्टि के बाद ठिठुरन काफी बढ़ गई।
बिलासपुर में लगभग आधा घंटा तक चली तेज मूसलाधार बारिश व लगभग साढ़े चार मिनट तक ओलावृष्टि हुई। किसानों की गेहूं सरसों, सब्जी व पशुओं के चारे की फसल बरसीन को खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घाड़ क्षेत्र के लगभग दो एक दर्जन से अधिक गांवों में कही-कही हल्की व भारी ओलावृष्टि ने किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। किसान सर्बजीत सिंह, अमरीक सिंह, अरविंद बाली, इरफान ने बताया कि उन्होंने महंगे दामों पर उच्च क्वालीटि के बीज, खाद व दवाईयों से अपनी गेहूं, सरसों व चने की फसल को तैयार किया लेकिन रही सही कसर बारिश के साथ पडे ओलेां ने पूरी कर दी। किसानों का कहना है कि उनके लिए खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। किसानों ने सरकार से तुरंत प्रभाव से गिरदावरी करवाकर उन्हें उचित मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें