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डेथ प्वाइंट पर टैंकर ने स्कूटी सवार को रौंदा, मौत

Mon, 23 Jan 2017 11:55 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
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- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़-रुड़की नेशनल हाईवे-73 पर जगाधरी बस स्टैंड के नजदीक सोमवार सुबह तेल टैंकर ने स्कूटी सवार व्यक्ति को रौंद दिया। हादसे के दौरान शव इतना क्षत-विक्षत हो गया कि दसे पहचानना मुश्किल हो गया। आरोपी टैंकर चालक को हादसे के बाद भीड़ ने दबोच लिया। दुर्घटना के बाद नेशनल हाईवे पर करीब आधा घंटा जाम लगा रहा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
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जगाधरी की नालागढ़ माजरी निवासी जय सिंह ठाकुर (55) सोमवार सुबह करीब दस बजे स्कूटी से जगाधरी जा रहे थे। वह नेशनल हाईवे पर जगाधरी बस स्टैंड के सामने डिवाइडर के कट के नजदीक पहुंचे तो पीछे से आ रहे तेल से भरे टैंकर ने उनको टक्कर मार दी। टक्कर लगने पर स्कूटी एक तरफ गिर गई और जय सिंह हाईवे पर सड़क के बीच में गिर गए। टैंकर ने उन्हें रौंद दिया। टैंकर में फंसकर शव के टुकड़े करीब 100 मीटर तक बिखर गए। हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और क्षत-विक्षत हुए शव को सड़क से जमा किया। पुलिस ने आरोपी टैंकर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है।

जगाधरी बस स्टैंड के नजदीक हुए हादसे की सूचना पर मिलते ही पुलिस पहुंच गई। हादसे के बाद लगे जाम को खुलवाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम शव परिजनों को सौंप दिया ळै। आरोपी टैंकर चालक के खिलाफ केस दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सुनील कुमार, एसएचओ, थाना शहर जगाधरी।


डिवाइडर पर ‘कट’ती सांसों की डोर

यमुनानगर। जगाधरी बस अड्डे के सामने नेशनल हाईवे के डिवाइडर पर बने कट पर इस साल भी मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। रिकॉर्ड के अनुसार, डिवाइडर पर बने इस कट के कारण हर साल आठ से 10 व्यक्तियों की सांसों की डोर कट रही है। वर्ष 2012 में जगाधरी थाना एसएचओ शिवचरण भी इस कट के कारण हुए सड़क हादसे में जान गंवा चुके हैं। इंडियन रोड कांग्रेस के मानदंडों के अनुसार भी यह कट गलत है। डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी कमेटी की 33 मीटिंग्स में इस कट को बंद करने की मांग की जा चुकी है। इसके बावजूद यह कट बंद नहीं हो रहा।
जगाधरी बस अड्डे के दूसरी तरफ जगाधरी शहर हैं। प्रतिदिन हजारों लोग नेशनल हाईवे से गुजरकर बस अड्डे की ओर आते हैं। नेशनल हाईवे पर प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। जगाधरी बस अड्डे के चौक से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। बस अड्डा चौक से डिवाइडर पर बने कट की दूरी करीब 100 मीटर है। चौक पर ग्रीन लाइट होते ही वाहन तेजी से अंबाला की ओर निकलते हैं। इस दौरान कट से बस अड्डे की ओर मुड़ते समय या यू टर्न लेते समय वाहन चालक हादसे का शिकार होते हैं। आईआरसी के अनुसार रेड लाइट से 300 मीटर तक कट नहीं बनाया जा सकता। नेशनल हाईवे के रूल्स के अनुसार तो रेड लाइट से कट की दूरी डेढ़ किलोमीटर से अधिक होनी चाहिए।

अधिकारियों का रवैया भी है कारण
सड़क हादसों को रोकने के लिए डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी कमेटी बनाई गई है। इसकी करीब एक दशक से बैठकें हो रही हैं। इस कमेटी की 33 बैठकों में बस अड्डे के सामने बने कट को बंद करने की मांग उठ चुकी है। बैठक के मिनट्स में भी यह कट शामिल रहा है। इसके बावजूद अधिकारी अब तक इस कट को बंद नहीं करवा पाए हैं।  

यह ‘रास्ते’ रोक सकत हादसे
सड़क हादसे रोकने के लिए बनाए गए ओम सेवा संगठन के चेयरमैन सुशील आर्य करीब एक दशक तक डिस्ट्रिक रोड कमेटी की मीटिंग में समन्यवक रह चुके हैं। वह रोड सेफ्टी कमेटी हरियाणा के सदस्य भी हैं। डिस्ट्रिक रोड सेफ्टी की बैठकों में वह बस अड्डे के सामने बने कट का मुद्दा उठा चुके हैं। उनका मानना है कि यदि प्रशासन गंभीरता दिखाए और कुछ उपाय करे तो कट के कारण होने वाले हादसे रुक सकते हैं। जगाधरी बस अड्डे से डीसी कार्यालय रोड पर दो गेट निकलते हैं। इनमें से एक गेट बंद पड़ा है। दूसरे गेट को चालू कर बाहर से आने वाली बसों को इस गेट से एंट्री दी जाती है। इससे कट से बसें बस अड्डे की ओर नहीं मुड़ेंगी। बस अड्डे से मटका चौक की ओर जाने वाली बसों के लिए मिलिट्री ग्राउंड के नजदीक आईआरसी के मापदंडों के अनुसार यू टर्न बनाया जा सकता है। इससे कट के कारण होने वाले जानलेवा हादसे रुकेंगे।
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