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धक्का नहीं, अचानक दर्द होने पर बैठते समय सड़क पर गिरने से हुई थी मौत

Wed, 15 Feb 2017 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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 पार्षद के भाई की मौत धक्का देने से गिरने पर नहीं हुई। पार्षद के भाई के साथ कोई झगड़ा नहीं हुआ और न ही उसे किसी ने धक्का दिया। अचानक दर्द होने के कारण सड़क पर बैठते हुए गिरे गए। जिससे उनकी मौत हुई। शिकायतकर्ता झूठ बोल रहे है। पुलिस ने गलत मामला दर्ज किया है। उनकी मांग है कि डीएसपी द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच कराकर केस रद किया जाए। यह गुहार पार्षद की मौत के मामले में नामजद तीनों आरोपियों के परिजनों ने एसपी को शिकायत देकर लगाई। बुधवार सुबह उनके पक्ष में सैकड़ों लोग लघु सचिवालय पहुंचे। एसपी के न मिलने पर उन्होंने डीएसपी जगाधरी राजेंद्र कुमार को शिकायत दी। डीएसपी को दी शिकायत में अमित चौहान, मनोज धीमान, संतोष चौहान, योगेश चौहान, पुरुषोतम, इंद्रप्रीत, इंद्र प्रकाश, हरचरण सिंह व एडवोकेट भूपेंद्र शांडिल्य ने कहा कि नगर निगम के वार्ड नंबर एक के पार्षद राम स्वरूप के भाई रामकिशन के मामले में शहर जगाधरी पुलिस द्वारा गलत मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता झूठ बोल रहे है। झगड़ा तो हुआ ही नहीं। गिरने पर पार्षद के भाई राम किशन की मौत हुई है। न कोई धक्का मुक्की हुई और न ही हाथापाई। निर्दोष लोगों का फंसाया गया है। केस खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि घटना के समय स्थानीय निवासी तलविंद्र सिंह, गुरुद्वारा के कैशियर प्रीतपाल सिंह मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को ब्रेकर लगाने के समय वे मौके पर ही मौजूद थे। ब्रेकर को इधर उधर करने पर बात हुई थी। कोई हाथापाई नहीं हुई। राम किशन को अचानक दर्द हुआ। जब वह बैठने लगे तो गिर गए। रामकिशन के सड़क पर गिरने के बाद वे तीनों ही उसे अपनी कार में इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे। लेकिन पार्षद द्वारा उनपर ही झूठे आरोप लगा दिए गए। उनकी मांग है कि मामले की किसी बड़े पुलिस अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनपर दर्ज मामले को रद्द किया जाए।

सैकड़ों लोग आए समर्थन में :
आरोपियों पर दर्ज केस को रद्द कराने की मांग को लेकर बुधवार सुबह जगाधरी की श्याम सुंदरपुरी, रूप नगर कालोनी व लेबर कालोनी के सैकड़ों लोग सचिवालय पहुंचे। जिनमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। क्षेत्रवासी बबली, सरला शर्मा, हरविंद्र कौर, अनीता व रेखा ने बताया कि मामले में नामजद रामकुमार धीमान, प्रदीप मित्तल व अवतार सिंह झगड़ा करने वाले लोग नहीं है। उन्होंने हाथापाई भी नहीं की। बावजूद इसके पुलिस ने उन्हें आरोपी बना दिया। उन्होंने डीएसपी के समक्ष मांग रखी कि मामले को रद किया जाए।
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दबाव बनाकर कराया झूठा मामला दर्ज :
मामले में नामजद प्रदीप की पत्नी शशी कांता, अवतार सिंह की पत्नी हरमीत कौर, रामकुमार धीमान की पत्नी मीना देवी ने कहा कि मामूली सी कहासुनी हुई थी। बात इतनी बढ़ जाएगी उन्हें नहीं मालूम था। उनकी जानकारी के मुताबिक राम किशन को चक्कर आ गया। उनके परिजनों ने तो उन्हें छुआ भी नहीं। गिरने के दौरान उनके परिजन ही उन्हें अपचार के लिए अस्पताल ले गए। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई गलत है। मृतक का भाई पार्षद है। इस लिए दबाव बनाकर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया है।

डीएसपी करे मामले की निष्पक्ष जांच :
मार्किट कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट संजीव गर्ग ने बताया कि इस मामले को कुछ लोग राजनीतिक रंग दे रहे है जो गलत है। वे सिर्फ निष्पक्ष जांच चाहते है। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच डीएसपी से करवाई जाए। यदि मामला गलत दर्ज हुआ है तो रद किया जाए, क्योंकि उन्हें पता चला है कि मृतक हार्ट का मरीज था। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जाए। मौके पर एडवोकेट दीप चंद सिंगला, संदीप धीमान, धर्मपाल राठी, महेन्द्र गोयल, सुतिक्षन बंसल, दीपक मंगला, ओमपाल, रिंटू धीमान, मदन चौहान, वीरेन्द्र धीमान, वीरेन्द्र आर्य, संत लाल आर्य, धर्मपाल धीमान, चमन लाल धीमान, सीता राम, अनंत राम, अनिल कुमार ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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झूठे आरोप नहीं, जो शिकायत में लिखा वहीं हुआ : पार्षद
पार्षद राम स्वरूप शर्मा का कहना है कि उन्हें कोई झूठे आरोप नहीं लगाए है। उन्होंने जो मौके पर देखा वहीं पुलिस को दी शिकायत में लिखा गया। इस मामले में वे कोई राजनीति नहीं कर रहे। उन्हें कानून पर भरोसा है। उन्हें सिर्फ भाई की मौत का इंसाफ चाहिए।

 
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