हरियाणा के यमुनानमर के प्रतापनगर क्षेत्र में शनिवार को ताजेवाला चांद सोत बैरियर के पास एक नवजात शिशु काले कपड़े में लिपटा झाड़ियों के पास मिला। नवजात के चेहरे पर मक्खियां बैठी और नाल लिपटी हुई थी। जबकि जन्म देने वाली मां का कुछ पता नहीं चला। इसी दौरान पशु चराने वाले गोचर की उस पर नजर पड़ गई।
गोचर ने आसपास के लोगों की मदद से इसकी सूचना आशा वर्कर को दी। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नवजात शिशु का रेस्क्यू किया। फिलहाल नवजात बिल्कुल स्वस्थ है। प्रतापनगर अस्पताल की तरफ से कागजी कार्रवाई करके शिशु को जगाधरी के सरकारी अस्पताल में भिजवा दिया गया है। जहां पर उसके सभी टेस्ट किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि बच्चे का डीएनए भी कराया जाएगा।
फोन पर सूचना मिलते ही पहुंची आशा पिंकी
जानकारी के अनुसार आशा वर्कर पिंकी अराइयांवाला ने बताया कि उनको फोन पर सूचना मिली थी कि झाड़ियों में एक नवजात शिशु पड़ा है जो रो रहा है। वह तुरंत मौके पर पहुंची और अपनी एएनएम व एंबुलेंस को सूचित किया। अस्पताल से आई टीम ने बच्चे को अपने कब्जे में लिया अस्पताल में उसकी प्रारंभिक जांच की गई।
उधर, चाइल्डलाइन की डायरेक्टर डॉ. अंजू बाजपेयी ने अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को बच्चा पालने में किसी भी प्रकार की मजबूरी है तो वे इस तरह बच्चे को फेंके नहीं बल्कि वे उसे अस्पताल में बने पालने में छोड़ दें जिससे बच्चे के साथ कोई अनहोनी न घटे बल्कि उसे एक नया जीवन मिल सके। यदि किसी को इस तरह का लावारिश बच्चा मिले तो तुरंत 1098 पर इसकी जानकारी दें जिससे बच्चे को सुरक्षित माहौल मिल सके।
किए जाएंगे बच्चे के टेस्ट : जितेंद्र
एसएमओ जितेंद्र का कहना है कि उनको सूचना मिली थी कि ताजेवाला के पास झाड़ियों में एक लावारिस नवजात बच्चा खून में लथपथ पड़ा है। जिस पर उन्होंने एंबुलेंस व कर्मचारियों की टीम भेजी। बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्चे के सभी टेस्ट किए जाएंगे व कागजी कार्रवाई पूरी की जाएगी।