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जवाहर नवोदय स्कूल में मिली खामियों पर प्रधानाचार्य को लगाई लताड़

Sat, 12 Nov 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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 हरियाणा स्टेट कमीशन फार प्रोटेक्शन ऑफ चाईल्ड राइट्स के सदस्य परमजीत सिंह बडौला ने अपनी नौ सदस्यीय टीम के साथ शुक्रवार को चुहुडपुर कलां स्थित जवाहर नवोदय स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में काफी खामियां नजर आने पर परमजीत सिंह बडौला ने स्कूल के प्रधानाचार्य को लताड़ लगाई। विद्यार्थियों ने टीम के सदस्यों से स्कूल के प्रधानाचार्य और अध्यापकों की शिकायत की, जिससे बाद टीम के सदस्यों ने सभी अध्यापकों की मीटिंग लेकर भविष्य में ऐसा कभी न करने की चेतावनी दी।
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हरियाणा स्टेट कमीशन फार प्रोटेक्शन ऑफ चाईल्ड राइट्स के सदस्य परमजीत सिंह बडौला ने स्कूल में प्रवेश करते ही स्कूल की कक्षाओं का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान बच्चे टीक के सदस्यों द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने में असमर्थ नजर आए। हरियाणा के शिक्षा मंत्री, स्कूल किस मंत्रालय के अधीन आता है, भारत के राष्ट्रपति, हरियाणा के मुख्यमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, हरियाणा के राज्यपाल, आईएस, एचसीएस का अर्थ आदि कई तरह की जानकारी टीक के सदस्यों ने बच्चों से लेनी चाही, किंतु किसी भी सवाल का जवाब देने में बच्चे असमर्थ रहे। टीक के सदस्यों ने अध्यापकों द्वारा कराया जाने वाले स्कूल के काम की कापियां भी चैक की, लेकिन उमें भी स्कूल के अध्यापकों द्वारा  अनियमिता मिलने पर टीम के सदस्यों ने गहरी चिंता जताई। साथ ही प्रधानाचार्य को नसीहत दी कि स्कूल के अध्यापकों को पैन जारी किए जाएं, ताकि बच्चों द्वारा किए गए काम की कापियों को चैक किया जा सके। मौके पर सतीश गोयल, सतपाल कौर सदस्य बाल सरंक्षण, सुरेश पाल सदस्य बाल संरक्षण, रेनूबाल विकास अधिकारी, रंजन शर्मा लीगल अधिकारी बाल सरंक्षण, प्रीति बाल संरक्षण अधिकारी, शैफाली डाटा एनालिस्ट, राजबीर सिंह समाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शौचालयों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल:
टीम ने कक्षाओं का निरीक्षण करने के बाद स्कूल के शौचालयों का भी निरीक्षण किया, जहां सफाई व्यवस्था का बुरा हाल था। टीम का पता चलते ही आनन-फानन में सफाई कर्मियों ने शौचालयों में सफाई की वहीं, कई जगह पर टूटे नल, टूटी सिंक, टूटी टॉयलेट सीट आदि काफी खामियां मिलीं। वाटर कूलर, हाथ धोने के लिए टूंटी आदि सभी टूटी अवस्था में थे, जिस पर टीम के सदस्यो ने प्रधानाचार्य और सफाई कर्मियों को लताड़ लगाई। साथ ही कहा कि विभाग अध्यापकों को 20000 सैलरी देता है तो कम से कम 2000 का काम तो कर दिया करो।
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भोजन में अच्छी किस्म के अनाज का नहीं हो रहा इस्तेमाल:
शौचालयों के निरीक्षण के बाद टीम के सदस्य स्कूल के भोजनालय में गए। जहां भारी अनियमिताओं के बीच बच्चों के लिए भोजन बनाया जा रहा था। मौके पर खाद्य सुरक्षा के किसी भी नियम की पालना भोजनालय में देखने को नहीं मिली। भोजन बनाने वाले भी किसी नियम का पालन नहीं करते मिले। चैक करने पर पाया कि भोजन में अच्छी किस्म का अनाज इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
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छात्रावास में भी मिली काफी खामियां:
 भोजनालय के निरीक्षण के बाद छात्रावास का निरीक्षण किया गया, जहां बच्चों ने वहां की जमकर कमियां गिनाई। छात्रों ने बताया कि उनको सुबह ठंडे पानी से नहाने के लिए मजबूर किया जाता है। गीजर कई माह से खराब पड़ा है और ठंड के मौसम में सुबह ठंडे पानी से नहा पाना मुश्किल है। बच्चों ने बताया कि हर रविवार को बच्चों से शौचालयों की साफ सफाई कराई जाती है। कई-कई माह के बाद सफाई कर्मी उनके शौचालयों की सफाई करते हैं। बच्चों ने बताया कि 70 लड़कों के लिए एक और 60 लड़कों के लिए एक शौचालय प्रयोग करने के लिए दिया जाता है।

एक बच्चे ने दिखाए पिटाई के निशान:
अधिकतर बच्चे स्कूल स्टाफ से भयभीत रहते हैं और अध्यापकों की प्रताड़ना को सहते रहते हैं। बंद कमरे में अध्यापकों की गैर-मौजूदगी में कई बच्चों से टीम के सदस्यों ने बात की, जहां बच्चों ने बिना डर के बातें बताई तो पता चला कि कई अध्यापक उनको किस प्रकार से प्रताड़ित करते हैं। एक बच्चे ने तो अपनी कमर में पड़े डंडे के निशान भी दिखाए और कहा कि कई बच्चों को इसी प्रकार प्रताड़ित किया जाता है। भोजनालय में खाना भी सही ढंग से नहीं मिलता और कई अध्यापकों की बोलचाल का रवैया उनके व उनके अभिभावकों के साथ भी ठीक नहीं होता है।
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