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Haryana: 132 करोड़ की एफेड्रिन ड्रग के मामले में 4 आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लिए, हैदराबाद से जुड़े हुए थे तार

Thu, 06 Jul 2023 01:17 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

एफेड्रिन ड्रग मामले के तार हैदराबाद से जुड़े हुए थे। चारों आरोपी चेरापल्ली जेल में बंद थे। चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। 
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गिरफ्तार किए आरोपियों को अदालत में पेश करने ले जाती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के यमुनानगर के रादौर के गांव बापौली में श्री मुरलीधर फैक्टरी से पकड़ी गई 132 करोड़ की प्रतिबंधित एफेड्रिन ड्रग केस में डीआरआई की टीम ने चार आरोपियों को हैदराबाद से प्रोडक्शन रिमांड पर लिया है। चारों आरोपी चेरापल्ली जेल में बंद थे। आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के लाखनपुर निवासी अश्विनी कुमार, तेलंगना के चेरापल्ली के ईसी नगर निवासी मराम भानु कुमार, उत्तर प्रदेश आजमगढ़ के लाखनपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार पाठक व बिहार के सहरसा की भटराहा काॅलोनी निवासी दीपक भगत के रूप में हुई है।

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चारों आरोपियों के एफेड्रिन ड्रग मामले में तार जुड़े हुए हैं। अधिवक्ता अजय शक्ति गोयल ने बताया कि चारों आरोपियों को जेएमआईसी सुमित कुमार सैनी की अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से कई खुलासे होने की संभावना है।

डीआरआई ने छापा मारकर पकड़ा था 132 करोड़ का ड्रग केमिकल एफेड्रिन, अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
एक अगस्त 2022 को डीआरआई (डायरेक्टरेट आफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस) की टीम ने रादौर के बापौली स्थित मुरलीधर फैक्टरी में रेड कर प्रतिबंधित 661 किलो ड्रग केमिकल एफेड्रिन पकड़ा था। जिसकी कीमत करीब 132 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इस मामले में कुरुक्षेत्र के लाड़वा के होटल से मुंबई के शिवाजी नगर रोड पदमानगर निवासी केमिकल ट्रेडर मोहम्मद आजम व ठाणे के तुर्भे गांव के सेक्टर 32 निवासी वफादार हुसैन को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद माडल टाउन सरनी चौक निवासी मोहित साहनी, राजन, श्यामलाल और हरबंसपुरा निवासी विजय कुमार को गिरफ्तार किया गया था।
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प्लास्टिसाइजर ही आड़ में तैयार किया जाता था ड्रग्स केमिकल
श्री मुरलीधर इंडस्ट्रीज में प्लास्टिक पेंट में मिलाने के लिए क्लोरिनेटिड पैराफिन वैक्स व प्लास्टिसाइज़र तैयार करने का लाइसेंस लिया गया। इसकी आड़ में प्रतिबंधित एफरेड्रिन ड्रग्स केमिकल तैयार किया जा रहा था। डीआरआई टीम के मुताबिक, फर्जी बिलों पर यहां कच्चा माल फर्जी बिलों पर सप्लाई किया गया। जिससे एफेड्रिन तैयार की गई। टीम को यहां से 132 करोड़ की एफेड्रिन के अलावा 53 लाख रुपये का कच्चा माल भी मिला था। पकड़े गए आरोपी मोहम्मद आजम व वफादार हुसैन के साथ इस फैक्टरी में मोहित साहनी व विजय कुमार शर्मा सहित कई पार्टनर थे। जो फैक्टरी में एफेड्रिन तैयार कर उसकी आपूर्ति आगे करते थे।

फैक्टरी के चार हिस्सेदार, दिल्ली व मुंबई में रेव पार्टियों में प्रयोग होता था एफेड्रिन
डीआरआई की जांच के श्री मुरलीधर इंडस्ट्री के श्याम लाल, विजय शर्मा, मोहनी साहनी और रंजन सोंधी चार हिस्सेदार हैं। पकड़े गए आरोपी वफादार व आजम को यह फैक्टरी लीज पर देने की बात कही थी। हालांकि डीआरआई के अधिकारी पे इसको संदिग्ध माना था। एफेड्रिन दिल्ली व मुंबई में रेव पार्टियों में काफी प्रयोग किया जाता था। 2013 में एफेड्रिन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। दवाओं की आड़ में इसका अवैध कारोबार होने लगा था।

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रादौर के बापौली स्थित इस श्री मुरलीधर फैक्टरी से पकड़ी गई थी 132 करोड़ की ड्रग केमिकल

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी नहीं लगी थी भनक
23 अक्टूबर 2020 को दस साल के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति ली गई। ओरेंज कैटेगरी में लाइसेंस मिला था। दस्तावेजों में एक करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से कार्य शुरू किया गया। फैक्टरी पर या बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। यहां पर प्रतिबंधित केमिकल तैयार हो रहा था। जिसकी इसकी भनक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व औद्योगिक विभाग के अधिकारियों को भी नहीं लग सकी, जबकि हर वर्ष अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से पहले व बाद में अधिकारी दौरा करते हैं।

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