जगाधरी रेलवे वर्कशाप में सीबीबाई की रेड के नौ दिन बाद सीनियर सेक्शन इंजीनियर दिनेश कुमार गौड़ ने अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर जान दे दी। अपने दो पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए दो अधिकारियों व ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया और रेलवे वर्कशाप की व्यवस्था पर सवाल उठाती बातें भी लिखीं। आरोपी अधिकारियों और ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार दोपहर परिजनों ने वर्कशाप चुंगी पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर के शव रखकर जाम लगा दिया। करीब घंटे भर बाद डीएसपी के लिखित आश्वासन के पर उन्होंने जाम खोला। बता दें कि कि कि बीती 18 जनवरी को सीबीआई ने वर्कशाप के डब्ल्यूएम को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने यह कार्रवाई ठेकेदार की शिकायत पर की।
शनिवार दोपहर पौने दो बजे पुलिस ने पोस्टमार्टम कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन शव को घर लेकर जाने की बजाए वर्कशाप चुंगी पर पहुंच गए, यहां उन्होंने शव रखकर जाम लगा दिया। साथ ही पुलिस व रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजन पहले आरोपियों की गिरफ्तारी और उसके बाद ही दाह-संस्कार करने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलते ही थाना फर्कपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसएचओ ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, मगर परिजन उनसे भी उलझ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को भागने का मौका दे रही है। सूचना पाकर पहुंचे डीएसपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप सिंह ने परिजनों को समझाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मगर परिजन नहीं माने और अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद और पुलिस फोर्स बुला ली गई। एक बार फिर से पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बात की। साथ ही डीएसपी ने लिखित आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यदि कोई अन्य भी दोषी पाया गया तो उसे भी छोड़ा नहीं जाएगा। जिसके बाद परिजनों ने जाम खोला।
करीब 22 साल से है वर्कशाप में:
दिनेश कुमार यूपी के अलीगढ़ से है। उन्होंने वर्ष 1995 में कारखाना में जेई के तौर पर ज्वाइन किया था। जिसके बाद उन्हें एसएसई के पद पर पदोन्नति मिल गई। परिजनों ने बताया कि गौड़ ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी से कार्य किया है। उन्होंने कभी भी काम में लापरवाही नहीं की। उन्हें बीते वर्ष जीएम ने पुरस्कृत भी किया था।
ये लिखा है दो पेज के सुसाइड नोट में:
फर्कपुर पुलिस ने उनके पास से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद किया है। जिसमें समय भी लिखा हुआ है कि शुक्रवार रात्रि 10:25 पर लिखना शुरू किया है। इसमें साफ तौर पर लिखा है कि मेरी आत्महत्या के लिए करतार सिंह कटारिया (केएस कटारिया) एसएसई डब्ल्यूआर इंचार्ज (लिफ्टिंग), पंकज ठेकेदार और डिप्टी सीएमई अमृतसर सोम प्रकाश है। सोमप्रकाश ने दूसरे की नौकरी को नौकरी नहीं समझा व मौखिक आदेशों के आधार पर कार्य करवाने को प्राथमिकता दी। बोलसटेर बॉटम गेस्ट प्लेट की रिप्लेसमेंट का कार्य 2014(अक्टूबर) से बाक्सएनएचएल की पीओएच के बाद लगभग जनवरी 2015 के आस पास से शुरू हुआ। बीसीएनएचएल के लिए पीओएच का कार्य अक्टूबर 2015 से शुरू हुआ। प्लेट रिप्लेसमेंट का कार्य फरवरी-2015 से कर्ण सिंह जेई के एक फिटर की मदद से शुरू हुआ। इसके बाद जब गाड़ियां बाक्स एनएचएल अधिक आने लगी तो पंकज ठेकेदार को ठेका (कटिंग) के लालच में कार्य शुरू करवा दिया। अक्तूबर 2015 से शुरू होकर समय समय पर एक्सटेंड करते कराते यह अप्रैल 2016 तक चला। गौर करने वाली बात यह है कि ठेके से पहले और ठेके के बाद भी मई-2016 तक बहुत कौशिक के बाद भी हम अपने वेल्डर से कटिंग का कार्य पूरा करवाने में सफल नही हुए। सारा कार्य पंकज ठेकेदार द्वारा ही करवाया गया। वास्तविकता वह भी जानता है कि मैने कभी भी उससे एक पैसा भी नही लिया। अब वह मुझे जो ब्लैक मेल कर रहा है यह आफर उसका ही था। कटारिया बहुत ही शातिर खिलाड़ी है। मुझसे साइन करो, जबकि एसएसई इंचार्ज एमबी भरने का कार्य करता है। मेरे पास समय कम है। सीबीआई कभी भी छापा मार सकती है जबकि मैं पूर्ण रूप से निर्दोष हूं। मेरी आत्महत्या के लिए तीनों दोषी है। मैंने अपनी पत्नी को आज विस्तार से पूरी बात बताई है। मैंने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत और ईमानदारी से गुजारी है। यह मेरे लिए बहुत अपमानजनक होगा। मैं इसका सामना नही कर सकता। अपने को निर्दोष साबित करने के लिए बहुत वक्त चाहिए। तब तक यह समाज जिन नजरों से देखेगा मैं सह नही सकता। विष्णु राम एसएसई (सीओएफ) बहुत ही सीधा आदमी है। लेकिन पेपर वर्क अपने से कराने के कारण सब कुछ ठीक से रिकार्ड नहीं हो पाया। परंतु उसने भी इस सब में कुछ भी नही लिया है।
सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया-सिंह
डीएसपी हेडक्वार्टर आदर्शदीप सिंह का कहना है कि मृतक की पत्नी कल्पना के ब्यान पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जिनमें डिप्टी सीएमई सोम प्रकाश, एसएसई करतार सिंह कटारिया व पंकज ठेकेदार शामिल है। मृतक का सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है।