बस स्टैंड पर मंगलवार को रोडवेज डिपो जीएम और पत्रकार में विवाद के बाद डिपो में हंगामा हो गया। रोडवेज कर्मचारियों के रास्ते में ही बस रोकने के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। जीएम ने पत्रकार पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और हाथापाई करने का आरोप लगाया है। वहीं पत्रकार ने उससे और बेटे से गाली गलौज व मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने महिला और उसके बेटे के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे दैनिक समाचार पत्र की महिला पत्रकार अपनी गाड़ी से बेटे के साथ बस स्टैंड आई थी। यहां पर डिपो जीएम दिल्ली काउंटर के पास बसों का निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने महिला को गाड़ी न लाने की हिदायत दी। आरोप है कि पत्रकार अपनी गाड़ी को लेकर बाहर खड़ी करके लौटी और जीएम से बात करने लगी। इसी दौरान आपस में विवाद हो गया और मामले की सूचना पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही रोडवेज कर्मियों ने रास्ते में ही बसों को रोक दिया। इससे जाम लग गया। उधर, मौके पर पहुंचे यूनियन नेताओं ने बताया कि हाईवे पर जाम नहीं लगाया। उनके आलाधिकारी के साथ मारपीट हुई थी। जैसे से ही मीडिया कर्मियों को पता चला, चालक और परिचालक तुरंत थाने में पहुंच गए। इस वजह से कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। शाम को जीएम रोडवेज ने मामले की शिकायत सिटी पुलिस को दी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला और उसके बेटे न आकर उन पर हाथ उठाया। आरोप है कि महिला ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।
उधर, महिला पत्रकार ने भी लिखित शिकायत सिटी पुलिस को दी है। उसने शिकायत में लिखा है कि वह बेटे को छोड़ने के लिए बस स्टैंड आई थी। यहां जीएम और कुछ कर्मियों ने उसके और उसके बेटे के साथ मारपीट की है और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद वह उन्हें एक कमरे में ले गया, जहां उन्हें बंधक बना कर रखा गया। पत्रकार ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में पक्षपात कर रही है।
सिटी एसएचओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने जीएम की शिकायत पर दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया।