शुक्रवार रात को चोरों ने शहर के पत्थरवाला बाजार स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को निशाना बनाया। गनीमत यह रही कि एटीएम मशीन में कैश न होने की वजह से चोरी नहीं हो पाई। जाते समय चोर एटीएम मशीन तोड़कर फरार हो गए। शनिवार सुबह आसपास के दुकानदारों द्वारा सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस तथा बैंक के अधिकारियों ने घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर एसएल गौरी के मुताबिक पत्थरवाला बाजार स्थित उनके बैंक द्वारा एटीएम लगाया गया है। जिसकी देखरेख का जिम्मा एजीएस कंपनी को सौंपा गया है। इस कंपनी के अधिकारियों व कर्मचारियों को ही एटीएम मशीन में कैश डालने तथा उसकी सुरक्षा करने का जिम्मा सौंपा गया है। मैनेजर के मुताबिक पहली फरवरी को बैंक ने एटीएम बंद कर दिया था। जिसके उपरांत एटीएम मशीन में कोई पैसा नहीं डाला गया। शुक्रवार रात को चोर एटीएम में घुस गए।
मशीन खोलने के उपरांत जब उन्हें कोई कैश नहीं मिला, तो वे उसे तोड़कर फरार हो गए। शनिवार सुबह जब आसपास के दुकानदारों ने एटीएम केबिन का शटर खुला देखा, तो वे हैरान रह गए। जब लोगों ने आधे खुले हुए शटर से अंदर झांककर देखा, तो वहां मशीन टूटी दिखाई दी। जिसके उपरांत उन्होंने पुलिस व बैंक के अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस व एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू कर दी। साथ ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है।
दो दिन पहले भी हुई थी चोरी की कोशिश
आसपास के दुकानदारों ने बताया कि एटीएम में दो दिन पहले भी रात के समय मशीन से छेड़छाड़ हुई थी। चोरों ने मशीन को तोड़ने का प्रयास किया गया था। लेकिन उस समय चोर वारदात को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो पाए। इस घटना के बाद किसी बैंक अधिकारी ने एटीएम की सुध नहीं ली। अगर समय रहते इस मामले में पुलिस को सूचित किया जाता, तो शुक्रवार रात यह वारदात न होती।
मशीन में रुपये होने पर हो जाता बड़ा नुकसान
गनीमत यह रही कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम मशीन में कैश नहीं था। अगर मशीन में रुपये होते, तो चोर सारे पर हाथ साफ कर जाते। सुबे में एटीएम में चोरी की वारदातों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले में अधिकतर एटीएम ऐसे हैं, जहां पर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं है। सूत्रों के मुताबिक कई एटीएम में सीसीटीवी खराब पड़े हुए हैं, तो कहीं पर दरवाजे ही नदारद है। चोर उन्हीं एटीएम को निशाना बना रहे हैं, जहां पर सुरक्षा कर्मी नहीं है।
पिछले एक साल में हो चुकी है चार वारदात
पिछले एक साल के दौरान जिले में एटीएम में चोरी या चोरी के प्रयास की चार वारदातें हो चुकी हैं। इन वारदातों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। एटीएम में चोरी की सबसे बड़ी वारदात पंजाब नेशनल बैंक, रादौर में पिछले साल आठ दिसंबर को हुई। चोर रात के समय ट्रैक्टर की मदद से पूरी एटीएम उखाड़कर ले गए। एटीएम में करीब 22 लाख रुपये थे। चार दिन बाद चोरी किए गए एटीएम का खोल करीब पांच किलोमीटर दूर कांजनू गांव के नजदीक नहर किनारे बरामद हुआ था। इसके अलावा इस साल 15 जनवरी को जठलाना क्षेत्र के गांव नाहरपुर में स्थित एसबीआई के एटीएम को तोड़कर चोरी का प्रयास किया गया था। लेकिन चोर एटीएम तोड़ने में सफल नहीं हो पाए थे। वहीं, इस साल 16 दिसंबर को चोरों ने रात के समय एमएलएन कॉलेज के नजदीक स्थित ओबीसी के एटीएम को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। वारदात के समय एटीएम गार्ड बीमार होने के कारण छुट्टी पर था।