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तस्करों से गोवंशज को छुड़वाने पर गोरक्षक व उसके परिवार पर हमला

Wed, 14 Dec 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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 तस्करों के चुंगुल से गोवंशजों को छुड़वाने पर कुछ लोगों ने गांव बीबीपुर निवासी गोरक्षक विक्की समेत उसके पिता व भाई पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अज्ञात आठ-दस युवकों ने मंगलवार सुबह वारदात को उस वक्त अंजाम दिया, जब गोरक्षक विक्की अपने पिता व भाई के साथ गांव स्थित अपनी फर्नीचर की दुकान पर थे। मामले को लेकर गुस्साए गोरक्षकों ने डीएसपी आदर्शदीप से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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गांव बीबीपुर निवासी विक्की ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने तस्करों के कब्जे से कुछ बैलों को मुक्त कराया था। तब आरोपी तस्कर मौके से फरार हो गए थे और पुलिस ने बैलों को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। विक्की ने बताया कि मंगलवार सुबह वह गांव में ही स्थित अपनी फर्नीचर की दुकान पर थे। उसके साथ दुकान पर उनके पिता पिता जगरनाथ व भाई रिंकू भी थे। इसी दौरान वहां पर आठ से दस युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर उनकी दुकान पर आ गए। आरोप है कि उक्त युवकों में वह तस्कर भी थे, जिनसे तीन दिन पहले उन्होंने बैलों को मुक्त कराया था। उन्होंने देखते ही उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जब छुड़ाने के लिए उनके पिता व भाई बीच में आए तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। आरोपियों ने उन्हें कहा कि उसने उनके बैल पकड़वाए थे, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ और धमकी दी कि यदि उसने गोरक्षक वाला काम नहीं छोड़ा तो वह उसे जान से मार देंगे। इसके बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। उन्होंने पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस पर डीएसपी द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

पुलिस पर लगाया कार्रवाई न करने का आरोप:
मामले को लेकर लघु सचिवालय में डीएसपी से मिलने पहुंचे गोरक्षकों ने कहा कि बार-बार हो रहे हमलों को लेकर पुलिस की ओर से आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसको लेकर गोरक्षकों में रोष फैला हुआ है। गोरक्षक दल के अध्यक्ष धर्मेंद्र भारद्वाज, प्रदीप शर्मा, अरुण दुसानी, सुभाष, सुनील, मनीष प्रजापति, सोनू, महावीर व रविंद्र ने बताया कि तस्कर बार-बार उन पर हमले कर रहे हैं और वह अपनी जान पर खेल कर गोधन की रक्षा कर रहे है। पुलिस आरोपियों पर केवल पशु तस्करी का ही केस दर्ज करती है, किंतु सख्त कार्रवाई अमल में नहीं जा रही है।
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