गांव पालेवाला में शनिवार को तड़के करीब डेढ़ बजे पशु तस्करों ने गांव के लोगों पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि इसमें जानमाल को कोई नुकसान न हुआ। ग्रामीणों ने तस्करों को काफी दूर तक पीछा किया, किंतु आरोपी पांच बैल मौके पर ही छोड़ अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों के रास्ते फरार हो गए। इस दौरान मौके से गोलियों के छर्रे भी बरामद किए गए।
गांव पालेवाला के रणधीर राणा, हरिओम राणा, बिंद्र सिंह राणा, अशोक पुंडीर, जसबीर सिंह, सुनील उर्फ सेठा ने बताया कि गांव के लोगों को सूचना मिली थी कि कई दिनों से पशु तस्कर आवर्धन नहर के पालेवाला पुल से पशुओं की तस्करी कर यूपी ले जा रहे हैं। इसको लेकर गांव के लोग कई दिनों से पालेवाला पुल के पास रात के समय पहरा दे रहे थे। शनिवार तड़के लगभग डेढ़ बजे पालेवाला पुल पर पहरा दे रहे गांव के लोगों को कुछ लोग गोवंशों को पैदल ले जाते दिखे। गंाव के लोगों ने जैसे ही उन्हें ललकारा तो आरोपियों ने उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। बावजूद इसके ग्रामीणों द्वारा पीछे करने पर आरोपी तस्कर पांच बैल मौके पर छोड़ कर फरार हो गए।
पास से निकल कर शीशम के पड़े में घुसी गोली
गांव के सुनील उर्फ सेठा ने बताया कि तस्करों द्वारा चलाई गई एक गोली उनके पास से निकल गई और पीछे एक शीशम के पेड़ में घुस गई। गनीमत रही कि वह इसमें बच गया। उन्होंने बताया कि तस्कर आधी रात अंधेरे में पशुओं को टार्च के सहारे ले जा रहे थे। उनके पास लाठियां व देसी कट्टे भी थे। बावजूद इसके गांव के लोगों ने हौसला दिखाते हुए उनका पीछा किया। इस पर आरोपी फायरिंग कर मौके पर पांच बैल छोड़कर फरार हो गए। बाद में इसकी सूचना थाना जठलाना पुलिस को दी गई।
तस्कर फायरिंग करने से भी नहीं कर रहे गुरेज
प्रदेश में कानून की सख्ती के बावजूद पशुओं व गोवंशजों की यूपी में तस्करी जारी है। आरोपी गोवंशजों व पशुओं को वध के लिए जाने के लिए जिले से होकर निकलते हैं। इसके लिए वह वाहनों व पैदल रास्ते के अलावा नदियों के जरिए तस्करी के हथकंडे अपना रहे हैं। इस बीच गोरक्षकों, ग्रामीणों व पुलिस पार्टी से बचने को आरोपी जानलेवा हमले करने से पीछे नहीं हट रहे। रास्ते में रोकने पर तस्कर वाहनों से कुचलने व फायरिंग करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। बीते कुछ मामलों में ऐसा ही सामने आया है, मानों आरोपियों में पुलिस व प्रशासन का जरा-भी खौफ न रहा हो।
11 जून:- बिलासपुर के गांव फतेहगढ़ तुंबी के समीप साढ़ौरा-बिलासपुर मार्ग पर गोतस्करों ने पुलिस पार्टी पर राउंड फायर कर मौके पर अपना ट्रक छोड़ फरार हो गए। फायरिंग में पुलिस कर्मी किसी तरह बचे और 17 गोवशंजों को मुक्त कराया। बाद में आरोपी ट्रक चालक गांव दुमझेड़ा निवासी लाला व तीन अज्ञात लोगों पर जान से मारने के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
30 सितंबर:- रादौर-जठलाना मार्ग पर गांव रतनगढ़ के समीप गोतस्करों व पुलिस पार्टी के बीच फायरिंग हुई। गनीमत रही फायरिंग में पुलिस कर्मचारी बच गए और कुछ ही दूरी पर गोवंशजों से भरी महिंद्रा पिकअप गाड़ी सड़क किनारे खाई में पलट गई। पुलिस ने एक आरोपी लापरा निवासी जब्बार को काबू किया, जबकि अन्य मौके से फरार हो गए। घटना के दौरान सात गायों में से दो की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
4 अक्तूबर:- गोतस्करों ने कलानौर नाके पर तस्करों ने गोरक्षा दल व पुलिस पार्टी पर तीन राउंड फायर किए। इसमें दल व पुलिस पार्टी के सदस्य बाल-बाल बच गए। आरोपी महिंद्र पिकअप में भूस की बोरियों के नीचे गायों को छिपाकर यूपी वध के ले ले जा रहे थे। गोरक्षा दल ने पुलिस के सहयोग से पांच गायों को मुक्त कराया। पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
15 नवंबर:- गांव खंडवा के समीप यूपी के रास्ते बैलों को पैदल ले जा रहे तस्करों ने गोरक्षकों पर तीन राउंड फायर किए। इसमें एक गोली गोरक्षा दल के एक सदस्य द्वारा हाथ में पकड़ी टॉर्च पर जा लगी। गोली से टॉर्च के परखच्चे उड़ गए और उसके कलपुर्जों से रक्षक लोकेश शर्मा के हाथ में गंभीर चोट आई। आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके पर छह बैल छोड़कर फरार हो गए, जिनके खिलाफ पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
18 दिसंबर:- खिजराबाद में गांव कलेसर के समीप यमुना नदी के रास्ते तस्कर गायों को ट्रक में भरकर वध के लिए यूपी ले जा रहे थे। नदी के बीच ट्रक बंद हुआ और आरोपी गायों को ट्रक से उतार कर यूपी ले जाने लगे। ग्रामीणों ने यह देख मौके पर जाकर ट्रक में आग लगा दी, उन्हें आता देख आरोपी पहले ही मौके से फरार हो गए।
वर्जन :::::
ग्रामीणों की तरफ से शिकायत आई है। तस्कर गोवंशज छोड़ भाग गए। शिकायत में फायरिंग का जिक्र नहीं है, फिर भी मामले की जांच की जा रही है।
ऋषिपाल, प्रभारी, थाना जठलाना।