गैर इरादतन हत्या के चार दोषियों को कोर्ट ने सात-सात साल कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब एक साल चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वीरवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
शराब पीने से मना किया, तो कर दी थी हत्या : 19 सितंबर 2014 को शहर पुलिस जगाधरी को सूचना मिली थी कि ईशापुर कॉलोनी निवासी जोजफ को मृत अवस्था में सिविल अस्पताल जगाधरी लाया गया है। एएसआई दल सिंह ने नेतृत्व में गठित टीम ने अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
ईशापुर कॉलोनी निवासी मनोज मसीह ने शहर पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह एक निजी स्कूल में लैब अटेंडेंट है। उसके पिता जोजफ (48) पेंटर का काम करते थे। 19 सितंबर, 2014 की रात करीब नौ बजे पड़ोसी राजन, सुमित, आशु व आशीष अपने घर के बाहर बैठे हुए शराब पी रहे थे। उसके पिता ने उन्हें शराब पीने से मना किया, तो राजन ने उसके पिता से कहा वह किराएदार है, चुपचाप बैठा रहे।
जब उन्हें दोबारा शराब पीने से मना किया, तो तैश में आ गए और उन्होंने उसके पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी। चारों ने उसके पिता को अधमरा कर दिया। जोजफ को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने ईशापुर कालोनी निवासी राजन, जेम्स, आशीष व सुमित के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। 21 सितंबर को पुलिस ने आरोपियों को काबू किया। आरोपियों को 22 सितंबर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इसके बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हो गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप गर्ग की कोर्ट ने उपरोक्त आरोपियों को जोजफ की हत्या की गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 304 बी के तहत दोषी करार देते हुए सात-सात साल कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।