भ्रूण लिंग जांच करने वाले एक और गिरोह का बुधवार को प्रशासन ने पर्दाफाश किया। टीम ने भ्रूण जांच के गोरखधंधे में संलिप्त दो आशा वर्कर्स और एक निजी अस्पताल के लैब टेक्नीशियन को डिकॉए रोगी तथा उसकी सहयोगी से 20 हजार रुपये के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
आरोपी यमुनानगर में सेटिंग कर सहारनपुर में भ्रूण लिंग जांच करवाते थे। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों आशा वर्करों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, वहीं आरोपी लैब टेक्नीशियन को एक दिन के रिमांड में लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को कई दिन से शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग पैसे लेकर गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की लिंग की जांच का कार्य कर रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने इसकी जानकारी डीसी डा. एसएस फुलिया और एसपी को दी। उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार एक टीम का गठन किया गया। टीम में डीएसपी हेडक्वार्टर जोगिंद्र शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया, जगाधरी तहसीलदार दर्शन कुमार व जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना को शामिल किया गया।
टीम को सूचना मिली थी कि कांसापुर निवासी आशा वर्कर डिंपल नाम की महिला भ्रूण जांच करवाने के लिए महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाती है। इस सूचना पर गठित टीम ने एक डिकॉए रोगी व उसकी सहयोगी परमजीत को तैयार किया। फर्जी रोगी महिला व उसकी सहयोगी ने भ्रूण जांच करवाने के लिए डिंपल से संपर्क किया, जिसने भ्रूण लिंग जांच के लिए 20 हजार रुपये की मांग की और इस काम के लिए फर्जी रोगी महिला व उसकी सहयोगी को बुधवार को मधु चौक के पास पैसे लेकर बुलाया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी डिंपल ने अपने सहयोगी आशा वर्कर सुषमा व मधु चौक के नजदीक गोविंदपुरी रोड पर स्थित निजी अस्पताल के लैब टेक्नीशियन बुड़िया निवासी संदीप को भी मौके पर बुलाया। तय समय के तहत फर्जी रोगी अपने सहयोगी के साथ मौके पर पहुंच गए।
टीम उक्त स्थान से दूर खड़ी हो गई। जैसे ही तीनों आरोपी मौके पर पहुंचे तो फर्जी रोगी ने टीम को इशारा किया। टीम ने दबिश देकर तीनों आरोपियों को काबू कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 23, 25 पीएनडीटी एक्ट व 420, 120बी के तहत धोखाधड़ी व साजिश के तहत भ्रूण लिंग जांच करने का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सहारनपुर से जुड़े लिंक
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपियों में से आरोपी डिंपल व सुषमा को जेल भेज दिया गया था, जबकि आरोपी संदीप को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी से पूछताछ जारी है। पूछताछ पर उक्त आरोपियों ने बताया कि वे भ्रूण लिंग जांच सहारनपुर से करवाते हैं। बता दें कि इससे पहले भी लिंग जांच के कई मामलों में यमुनानगर और सहारनपुर के लिंक जुड़े हुए हैं। भ्रूण लिंग जांच का इस गौरखधंधे में यमुनानगर में सेटिंग करवाकर सहारनपुर में लिंग जांच और गर्भपात करवाया जाता है। इससे पूर्व में भी सहारनपुर के दो चिकित्सकों पर भ्रूण लिंग जांच का केस दर्ज हो चुका है।
पहले से तीन लड़कियों होने की बात कहकर बिछाया जाल
टीम द्वारा भेजी गई फर्जी ग्राहक ने आशा वर्कर डिंपल से संपर्क बनाया। उसने आशा वर्कर को बताया कि उसके पास पहले से तीन लड़कियां हैं। जिसके चलते परिवार के लोग उससे झगड़ते रहते हैं। परिवार का वंश चलाने के लिए लड़के की जरूरत है। इस बार भी कहीं लड़की न हो इसलिए वह गर्भ लिंग जांच करवानी चाहती है। डिंपल उसकी भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए तैयार हो गई।
मधु चौक के पास से बुधवार को उन्होंने दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को भ्रूण जांच के लिए डिकॉए रोगी से पैसे लेते काबू किया। तीनों पर पीएनडीटी एक्ट, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी संदीप की शिनाख्त पर सहारनपुर के डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए टीम भेजी गई है।
जोगिंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर, यमुनानगर।