सोते समय महिला पर तेजधार हथियार से जानलेवा हमला करने के दोषी को कोर्ट ने चार साल कैद तथा 18 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब एक साल चली सुनवाई के दौरान 11 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 13 अगस्त, 2014 को पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि गांव मामली में हुए झगड़े में कमलजीत की पत्नी प्रेमलता को चोटें आई हैं, जिसका इलाज यमुनानगर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
सदर जगाधरी पुलिस अस्पताल पहुंची। प्रेमलता ने पुलिस को बयान दिया कि उसका पति राजमिस्त्र का काम करता है। 12 अगस्त की रात को उसकी सास राजकली तथा ससुर रामेश्वर घर के आंगन में चारपाई पर सो रहे थे। जबकि वह भी कुछ दूरी अपनी चारपाई पर सोई थी। रात को करीब 11 बजे उस पर किसी ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया।
उसके हाथ की उंगली कट कर गिर गईं, जबकि उसे सिर तथा कान पर भी चोटें आई। हमलावर ने जब दोबारा उस पर हमला किया तो उसने शोर मचा दिया, जिस कारण सास-ससुर नींद से उठ गए। एक नौजवान व्यक्ति को उन्होंने अपने आंगन से भागते देखा। गांव के ही ऋषिपाल ने उस पर हमला किया था।
पुलिस ने ऋषि पाल के खिलाफ भादंसं की धारा 307, 458 व 326 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने 22 अगस्त को आरोपी को काबू कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई।
न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 307 में चार साल कैद 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जबकि 458 में तीन साल कैद तथा पांच हजार रुपये जुर्माना तथा 326 में तीन साल कैद तथा तीन हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।