यमुनानगर। जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट की टीम ने संतपुरा में एक घर से 12 साल की बच्ची को मुक्त करवाया। घर में बच्ची से बाल मजदूरी कराई जाती थी। बच्ची नेपाल की बताई जा रही है। इसके अलावा उससे घर का सारा काम लिया जाता था। टीम ने बच्ची का मेडिकल करवाकर छछरौली बाल कुंज में भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जिला बाल कल्याण समिति यमुनानगर की जिला अध्यक्ष सतपाल कौर को गुप्त सूचना मिली थी कि संतपुरा के नजदीक एक घर में 12 वर्षीय बच्ची से काम करवाया जा रहा है। सतपाल कौर ने इसकी सूचना चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर रीचा बुद्धिराजा को दी। रीचा बुद्धिराजा ने एक टीम तैयार की। जिसमें वह खुद, लेबर आफिसर विशाल कालड़ा, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सतपाल कौर, संरक्षण अधिकारी प्रीति, लीगल आफिसर रंजन शर्मा, गौरव शर्मा को शामिल किया। टीम थाना शहर यमुनानगर एसएचओ अजीत कुमार के साथ संतपुरा रोड के नजदीक स्थित सतनाम नाम के व्यक्ति के घर में पहुंचे।
टीम को यहां पर लगभग 12 बच्ची मिली। पहले तो घर के सदस्यों ने बच्ची को छिपाने की कोशिश की लेकिन टीम ने जबरदस्ती बच्चों को अपने पास बुलाया। बच्ची ने बताया कि वह नेपाल की रहने वाली है। उसके माता-पिता उसे इस घर में छोड़ गए थे। तब इन लोगों ने उसके माता-पिता से कहा था कि वे उसे स्कूल में भेज कर पढ़ाएंगे लिखाएंगे। लेकिन वे उससे घर का काम करवाने लगे। पूछताछ के बाद अधिकारियों ने बच्ची को कब्जे में ले लिया और उसे बाल कुंज भेज दिया। रीचा बुद्धिराजा का कहना है कि बच्ची की काउंसलिंग करवाई जाएगी। वहीं, बाल मजदूरी करवाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।