खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा बताकर एक बदमाश ने एक मिष्ठान भंडार के संचालक जसवंत से 10 लाख की रंगदारी मांगी। गुर्गा इंटरनेशनल नंबर से फोन कर बोला- मैं लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी बोल रहा हूं्। तुम जसवंत बोल रहे हो? बीकानेर मिष्ठान भंडार के संचालक हो? जल्दी से जल्दी 10 लाख रुपये का प्रबंध कर लो। दो घंटे बाद व्हाट्सअप पर मैसेज किए, फिर व्हाट्सअप कॉल कर आरोपी बोला-लॉरेंस बिश्नोई गैंग का आदमी बोल रहा हूं, 10 लाख रुपये का बोला था, क्या हुआ? जसवंत ने कहा कैसे दस लाख। उसने तो दस लाख आज तक देखे भी नहीं। आरोपी ने कहा कि पैसे देने है कि नहीं। जसवंत ने कहा कि मेरे पास दस लाख नहीं है तो आरोपी ने कहा कि तो अंजाम भुगतने का तैयार हो जा। तेरे बच्चों को मार देंगे हम। बाद परेशान होकर पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर उसे सुरक्षा प्रदान की। देरशाम तक पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई थी।
पहले वॉयस कॉल, फिर व्हाट्सअप कॉल कर मांगी रंगदारी
राजस्थान के थाना दायसू के गांव कनोडिया निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि वह 13 साल से कस्बा बिलासपुर में रहता है। उसकी कस्बे के शिव चौक पर मिष्ठान भंडार की दुकान है। पुलिस को दी शिकायत में जसवंत सिंह ने बताया कि सोमवार को तीन बजकर 40 मिनट पर उसके मोबाइल पर 9788935006 नंबर से फोन आया। जिस पर करीब 47 सेकेंड बात हुई। फोन करने वाले बदमाश ने उससे कहा कि तुम जसवंत बोल रहे हो? बिलासपुर में मिष्ठान भंडार की दुकान चलाते हो। तब उसने कहा कि तुम जल्दी से जल्दी 10 लाख रुपये का प्रबंध कर लो और जल्द उसे हा या ना में जवाब दो। उसे कुछ समझ नहीं आया तो उसने फोन काट दिया। उसके करीब दो घंटे बाद फिर 60173774107 नंबर से व्हाट्सअप पर तीन डॉट्स मैसज भेजे। साथ ही उस पर व्हाट्सअप कॉल आई। बदमाश बोला कि 10 लाख रुपये का इंतजाम हुआ या नहीं। दुकानदार ने कहा कि वह गरीब आदमी है, उसके पास 10 लाख रुपये नहीं है। तो फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि उसे सब मालूम है। वह लारेंस बिश्नोई गैंग का आदमी है। यदि तुमने 10 लाख रुपये नहीं दिए तो तुम्हारा व तुम्हारे परिवार को जो अंजाम होगा, उसके लिए तैयार रहना।
पहले तो समझ नहीं आया क्या करूं, फिर भाई को फोन की ली सलाह
जसवंत ने बताया कि आरोपी की कॉल आने के बाद उसका दिमाग घूम गया। उसे कुछ समझ नहीं आया कि वह अब क्या करे। फिर उसने तुरंत अपने भाई को फोन किया। उसके भाई ने उसे दोबारा फोन आया या नहीं, इस बारे में पूछा। उसने उसे पुलिस को शिकायत देने की सलाह दी। इसके बाद उसने अपने एक पुलिसकर्मी मित्र से इस बारे में बताया। उसने उसे तुरंत पुलिस को शिकायत देने की बात कही। उसने फिर इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्जकर लिया।
दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए दिए
जसवंत सिंह ने मामले की सूचना थाना बिलासपुर में दी है। थाने से एसआई बलबीर सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी बिलासपुर आशीष चौधरी व एसएचओ बिलासपुर को अवगत करवाया। डीएसपी आशीष चौधरी ने पुलिस अधीक्षक से बात कर मामले की जानकारी दी। एसपी ने तुरंत दुकानदार को सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी दिए। पुलिस ने फोन कॉल की जांच साइबर सेल द्वारा करा रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का संपत नेहरा यमुनानगर में रहा है सक्रिय :
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा संपत नेहरा यमुनानगर में काफी सक्रिय रहा है। संपत नेहरा लॉरेस बिश्नोई का राइट हैंड बताया जाता है। बीते साल आरोपी लॉरेंस बिश्नोई व संपत नेहरा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जून 2018 में आरोपी संपत नेहरा को पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। आरोपी नेहरा ने 26 मई 2017 की रात को हुडा सेक्टर 17 के एससीओ में बैठे पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के भाई राजिंद्र सिंह उर्फ राजा व उसके पार्टनर संजीव गुप्ता पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने की बात कबूूली थी। दूसरी वारदात को अंजाम नेहरा ने 10 अगस्त 2017 की दोपहर को माडल टाउन निवासी व्यवसायी विकास क्वात्रा के घर पर गोली चलवाकर दिया था। इस दौरान क्वात्रा के ड्राइवर बुड़िया निवासी जय नारायण की टांग में गोली लगी थी।
15 व्यवसायियों से चार करोड़ की फिरौती मांग चुका संपत नेहरा, उसी का हाथ होने की आशंका
गैंगस्टर संपत नेहरा व गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का यमुनानगर के काला राणा के साथ संपर्क रहा है। नेहरा व लॉरेंस पर राजस्थान, पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ समेत अन्य राज्यों में दर्जनों हत्याओं, लूट, फिरौती, सुपारी लेकर हत्या करना, हत्या का प्रयास जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। वर्ष 2017 में आरोपी संपत राजस्थान के गंगानगर के करीब 15 व्यवसायियों से चार करोड़ की फिरौती मांग चुका था। चार व्यापारियों ने रकम भी दे दी थी। बिलासपुर के मिष्ठान भंडार से संचालक जसवंत सिंह से भी लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गें ने फिरौती मांगी। आशंका जताई जा रही है कि इस माले में गैंगस्टर संपत नेहरा, काला राणा या इनके करीबी का हाथ हो सकता है।
मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित दुकानदार को प्रोटेक्शन देने के लिए दो पुलिसकर्मी उसके साथ तैनात किए गए हैं। जिन नंबरों से कॉल आई थी, उनकी साइबर सेल द्वारा जांच करवाई जा रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए सीआईए व डिटेक्टिव पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है। जल्द ही पुलिस मामले की ट्रेस कर आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी।
- आशीष चौधरी, डीएसपी, बिलासपुर।