यमुनानगर। जिला नगर योजना विभाग ने मंगलवार को नेशनल हाईवे नंबर 344 के किनारे प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध कब्जों पर बड़ी कार्रवाई की। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान डीटीपी की टीम ने दो ढाबों समेत दो दर्जन अवैध कब्जों पर पीला पंजा चलाया। नेशनल हाईवे पर बिना सीएलयू और बिना परमिशन के ढाबे बना लिए गए थे। इनके भवनों पर बुलडोजर चलाते हुए गिरा दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा है। शाम 5 बजे तक तोड़फोड़ की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। जिले की सीमा के अंतिम छोर तक अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए दोबारा अभियान चलाया जाएगा। इन अवैध निर्माण करने वालों को विभाग ने कई महीने पहले नोटिस जारी किए थे, लेकिन ढाबा संचालकों ने अपने ढाबे नहीं हटाए तो मंगलवार को डीटीपी की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान डीटीपी अमित मधोलिया, फिल्ड इंवेस्टिगेटर मोहित शर्मा, पटवारी जितेंद्र और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर सरस्वती नगर के बीडीपीओ बीडी साहनी और थाना छप्पर के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
एनएचआई व वन विभाग से लेनी पड़ती है परमिशन
हाईवे किनारे होटल और ढाबे बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी और वन विभाग से परमिशन लेनी पड़ती है। ढाबा बनाने को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई परमिशन नहीं ली गई। अधिकांश ढाबों पर बिजली के लिए सोलर पैनल लगे हुए थे। जोकि निर्माण गिराने के साथ ध्वस्त हो गए।
इनके खिलाफ की कार्रवाई
-अंबाला-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कांहड़ी खुर्द नीलकंठ ढाबे की बिल्डिंग, चार टायलेट्स, एक स्टोर रूम को तोड़ा गया।
-रूलाखेड़ी में हाइवे किनारे राजू पंजाबी ढाबा, चार टायलेट्स, एक स्टोर रूम, एक कार वाशिंग कम सर्विस स्टेशन को तोड़ा।
-गधौला गांव में टोल प्लाजा के पास बनी तीन डबल स्टोरी दुकानों पर पीला पंजा चलाया गया।
-थाना छप्पर और छप्पर मंसूरपुर में अवैध रूप से बनाई जा रही कामर्शियल कॉलोनी पर बुलडोजर चलाई गई।
-यहां दुकानों की 19 डीपीसी, एक प्रॉपर्टी डीलर का कार्यालय और दो दुकानें तोड़ी गई।
हाईवे किनारे नहीं हो सकता निर्माण
-नियमों के तहत नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और जिला के शेड्यूल रोड से 30 से 60 मीटर की परिधि में किसी प्रकार का निर्माण नहीं किया जा सकता। विशेष परिस्थितियों में नेशनल हाईवे अथॉर्टी और टाउन एंड कंट्री प्लांनिंग के डायरेक्टर की परमिशन जरूरी होती है। बिना परमिशन के किसी भी तरह के निर्माण को अपने अधिकार क्षेत्र में एनएचएआई और स्टेट की अधिकार क्षेत्र की भूमि पर डीटीपी द्वारा कार्रवाई की जाती है।
डीटीपी, यमुनानगर अमित मधोलिया ने इस संबंध में कहा कि अवैध कब्जाधारियों को पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने कब्जे नहीं हटाए। नियमों के तहत हाईवे किनारे बिना परमिशन के किसी भी तरह की निर्माण गतिविधियां नहीं की जा सकती। तोड़फोड़ की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आमजन से भी अपील है कि वे अनधिकृत से बसाई जा रही रेजिडेंशियल व कमर्शियल कॉलोनी में कोई खरीददारी ना करें।