शहर के चर्चित रोजी सिक्का मर्डर केस में आरोपी नौकर राजेश उर्फ विलिट पासवान ने रिमांड के दौरान बड़ा खुलासा किया है। उसने मृतका के ससुर राजेंद्र सिक्का पर 50 हजार रुपये का लालच देकर अपनी पुत्रवधू की हत्या करवाने की बात कही है। बुधवार को दोपहर बाद आरोपी को एसीजेएम गगनदीप मित्तल की अदालत में पेश किया गया। जब वह अदालत से बाहर निकला तो उसने सीआईए टू स्टाफ की मौजूदगी में कैमरे के सामने अपने मालिक पर कई गंभीर आरोप जड़े। नौकर के इस सनसनीखेज बयान से केस में नया ट्विस्ट आ गया है। पुलिस जहां अब राजेंद्र सिक्का को हिरासत में लेकर इंट्रोगेट करेगी, वहीं मृतका के पति दीपांशु उर्फ मोंटी ने सीधे-सीधे पुलिस पर जानबूझ उसके पिता को फंसाने का आरोप लगाया है।
नौकर ने ये बताई नई कहानी
15 मई की शाम को मैं बड़े साहब(राजेंद्र सिक्का) की मालिश कर रहा था। उन्होंने मुझसे कहा कि इतना पैसा आता है, लेकिन पता नहीं यहां क्या हो रहा है। कोई हिसाब किताब रखने वाला ही नहीं है। प्रापर्टी को लेकर भी दिक्कत है। बात करते-करते मुझसे कहा कि मर्डर करेगा। मैंने मना कर दिया। जिस पर उन्होंने दबाव बनाया और कहा कि यदि तुम ऐसा नहीं करेगा तो मरेगा। अपनी सुरक्षा का भय देखकर वह रोजी का मर्डर करने को तैयार हो गया। हत्या के लिए उसे 50 हजार रुपये का लालच दिया गया था। उससे कहा गया था कि इस साल तो उसके पिता की मौत हो गई है। अगले साल मार्च में जब वह शादी करेगा तो 50 हजार रुपये दे देगा। इसी दौरान उसे कहा गया था कि हत्या की वजह भरपेट खाना न देना बताना है। तय योजना के मुताबिक ही उसने हत्या की और फोन किए। उसने कहा कि उसे मालिक ने कहा था कि यदि पुलिस पकड़ ले तो भरपेट खाना न देने की बात कहनी है और वह उसे छुड़वा भी देगा। वह हत्या के बाद इसलिए नहीं भागा था कि मालिक ने भागने से मना कर दिया था और पूरा साथ देने की बता कही थी।
जैसा की नौकर ने पुलिस और मीडिया को बताया
पहले ये कहानी बताई थी
इससे पहले राजेश ने पुलिस को बताया था कि रोजी भाभी उसे भरपेट खाना नहीं देती थी। जबकि उसे भूख ज्यादा लगती थी। घटना वाले दिन भी उसे भूख लगी थी, लेकिन उसे खाना नहीं दिया गया। इसी से गुस्सा होकर उसने चाकू से रोजी का गला काट दिया। अब उसने अपना बयान बदल दिया है।
पुलिस की कहानी पर फिर सवाल
पुलिस रोजी के मर्डर के पीछे प्रापर्टी को बता रही है। जबकि ससुराल और मायके में रोजी के नाम कोई प्रापर्टी नहीं है।
जब उसके नाम कोई प्रापर्टी नहीं है तो राजेंद्र अपनी पुत्रवधू का मर्डर किसलिए करवाएंगा।
प्रॉपर्टी की वजह को लेकर पुलिस अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
पुलिस कह रही है कि पहले बयान में नौकर ने झूठ बोला था। ऐसे में पुलिस उसकी बात पर अब किस आधार पर विश्वास कर रही है।
हमें फंसा रही है पुलिस
रोजी के पति दीपांशु उर्फ मोंटी का कहना है कि पुलिस पहले दिन से ही केस को उलझा रही है। पुलिस की पूरी की पूरी थ्योरी गलत है। पुलिस अधिकारी खुद ब खुद नई कहानी बना रहे हैं। जिसने हत्या की है, वह अपने बयान बदल रहा है। वह कुछ भी कहेगा और पुलिस उसकी बात पर विश्वास कर लेगी। हमारे परिवार को फंसाने की साजिश की जा रही है। जब मेरी पत्नी के नाम कोई प्रापर्टी है ही नहीं तो मेरा पिता किसलिए हत्या करवाएगा। हमने एसपी से मुलाकात करके मामले की जांच सीआईए टू की बजाय किसी दूसरी टीम से करवाने की मांग की है। हम इसके खिलाफ उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
बेटी ने कोई शिकायत नहीं की
मृतका रोजी के पिता छछरौली निवासी जनकराज का कहना है कि मोंटी और अपने ससुर को लेकर रोजी ने कभी कोई शिकायत नहीं की। आपस में प्यार से पूरी फैमिली रह रही थी। मेरी बेटी के नाम कोई प्रापर्टी नहीं है। ऐसे में लेन देन और प्रापर्टी को हत्या की वजह बताना पूरी तरह से गलत हैं।
ये है मामला
16 मई को न्यू जैन नगर कॉलोनी में स्टोन क्रशर संचालक राजेंद्र सिक्का की पुत्रवधू रोजी सिक्का का बेरहमी से चाकू से गला काटकर कत्ल कर दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने उनके नौकर राजेश को गिरफ्तार किया था। जिसने हत्या करने की बात कबूल कर ली थी। उसने हत्या की कम खाना मिलना बताया था।
सीआईए टू के इंचार्ज इंस्पेक्टर श्रीभगवान यादव ने बताया कि नौकर ने कबूल किया है कि राजेंद्र सिक्का के कहने पर उसने रोजी का मर्डर किया है। उसने हिसाब किताब को लेकर हत्या करवाई गई और उसे 50 हजार रुपये का लालच भी दिया गया। आरोपी राजेंद्र सिक्का की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। अभी तक इस मामले में राजेंद्र के बेटे की कोई भूमिका नहीं है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।