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तीन घंटे जला तिमहो गांव, आग ने आधा दर्जन घर व मवेशी जले

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छछरौली। गांव तिहमो में गेहूं के फानों में लगी आग पर समय से काबू न पाए जाने के कारण आग ने जमकर तांडव मचाया। आग ने 50 एकड़ में लगे फानों के साथ-साथ आधा दर्जन घरों व मवेशियों को चपेट में ले लिया। इस दौरान दो मवेशियों की जलने से मौत हो गई, जबकि कईं मवेशी बुरी तरह झुलस गए। आग ने तीन घंटे तक गांव वालों की सांसों को रोक कर रखा। बार-बार फोन करने के बाद भी फायर ब्रिगेड के न पहुंचने के कारण गांव वालों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। दो घंटे बाद जब तक फायर ब्रिगेड पहुंची। इस दौरान लोगों ने दमकल व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
तिहमो निवासी बंचित सिंह, हुकम सिंह, गुरविंदर सिंह, रणजीत सिंह, रणजोध सिंह, गजन सिंह, अवतार सिंह, सुरेंद्र सैनी, धर्मपाल व महिपाल ने बताया गांव के एक खेत में अचानक आग लग गई। इससे पहले की कोई कुछ कर पाता आग फैलने लगी। हवा तेज होने के कारण चंद ही मिनटों आग ने भीष्ण रूप ले लिया। देखते ही देखते आसपास के 50 एकड़ में लगे गेहूं फाने जलने लगे। सूचना पर गांव के लोग मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग विकराल होती गई। ग्रामीणों ने बताया कि लोगों ने दमकल को इस बारे फोन पर सूचना दी लेकिन वह नहीं पहुंचे।
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आग की चपेट में आए आधा दर्जन घर
तेज हवा और आग पर काबू समय से काबू न पा पाने के कारण आग फैलती हुई गांव तक पहुंच गई। तीन घंटे आग ने तांडव किया। इस दौरान गांव के आधा दर्जन घर आग की चपेट में आ गए। घरों तक आग पहुुंचने पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। लोग बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। आग पर काबू पाने की ग्रामीणों की तमाम कोशिश नाकाम रही।

बीस बार किया फोन, नहीं पहुंची दमकल
ग्रामीणों का आरोप है कि आग की सूचना देने के लिए उन्होंने तुरंत दमकल विभाग के कंट्रोल रूम के 101 नंबर पर दी। लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। उन्होंने 20 बार लगातार कंट्रोल रूम में कॉल की। लेकिन वहां कोई कॉल नहीं रिसीव कर रहा था। एक घंटे तक फायर ब्रिगेड को कॉल की लेकिन कोई मदद नहीं मिली। आग में जब गांव के घर व मवेशी जल कर तबाह हो गए तो दो घंटे बाद दमकल कर्मचारी पहुंचे।

मिलती मदद तो न होता नुकसान:-
आग में तीन घंटे गांव जलता रहा। ग्रामीणों ने तुरंत दमकल व प्रशासन को मदद के लिए बार बार फोन किया। लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। गांव वालों व बच्चों ने बाल्टियों, टब व बर्तनों में पानी भर-भर कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लेकिन आग काफी क्षेत्र में फैल चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता तो घरों व मवेशियों को जलने से बचाया जा सकता था।
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इनका हुआ नुकसान
इस आगजनी में दर्शनी की 2 गाय, हंसराज का 2 एकड़ का भूसा, प्रवीन का घर का सारा सामान, फूल वासना का घर और उसका सारा सामान, प्रभु राम व रामेश्वर का घर और सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया है। वहीं आग से कईं ग्रामीणों के 50 एकड़ में लगे गेहूं के फाने जलकर नष्ट हो गए।
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