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-नगर निगम के 70 करोड़ रुपए दबा कर बैठे 30 हजार प्रॉपर्टी मालिक डिफाल्टर घोषित

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सुरेश सैनी
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यमुनानगर। नगर निगम के 70 करोड़ रुपये दबाकर बैठे 30 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी मालिकों को डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है। छूट देने के बावजूद इन लोगों ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया। जिस पर नगर निगम ने सूद समेत बकाया वसूलने के लिए नोटिस तैयार कर लिए हैं। नोटिस के बाद भी अगर प्रॉपर्टी मालिक अपनी बकाया जमा नहीं करवाते हैं तो डिफाल्टर प्रॉपर्टी को सील किया जाएगा। चौंकाने वाली बात ये है कि 20 विभागों के 37 सरकारी बिल्डिंग भी डिफाल्टर की सूची में हैं। इन सरकारी भवनों का साढ़े तेइस करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। दरअसल बकाया संपत्ति मालिकों को ब्याज और जुर्माने पर 100 फीसदी की छूट दी थी। इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी तक रखी गई थी। इसके बाद समय सीमा बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया था। इसके बावजूद अधिकतर लोगों ने इसे नजर अंदाज किया। जिसको लेकर नगर निगम ने अब सख्ती शुरू कर दी है।
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18 करोड़ 21 लाख ही किए जमा
यमुनानगर-जगाधरी में कुल पौने दो लाख प्रॉपर्टी हैं। जिन्हें छूट देने के बाद 18 करोड़ 21 लाख रुपए का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो पाया। जबकि 70 करोड़ से अधिक की धनराशि अभी भी बकाया है। यह रकम चार से पांच सालों से रूका पड़ा है, जिन्हें पहले भी नोटिस भेजकर अवगत करवाया गया है। लेकिन डिफाल्टर इस टैक्स को भरने का नाम नहीं ले रहे। निगम डिफाल्टरों की लिस्ट को तैयार करने में लगा है। लिस्ट फाइनल होने के बाद इसे हेड क्वार्टर पंचकूला भेजा जाएगा। वहां से आदेश मिलने के बाद सीलिंग का कार्य शुरू होगा।
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ये है प्रॉपर्टी टैक्स
नगर निगम सीमा के अंदर किसी भी तरह की रिहायशी, कामर्शियल या किसी को रेंट पर दी हुई प्रॉपर्टी पर सरकार द्वारा स्थानीय निकाय के लिए टैक्स तय किया गया है। स्थानीय निकाय इलाके में साफ-सफाई, पानी की सप्लाई, लोकल सड़कों का रखरखाव, ड्रेनेज और अन्य सुविधाएं मुहैया कराता है। म्युनिसिपल संस्थाएं जो सुविधाएं लोगों को मुहैया कराती हैं, उसका राजस्व प्रॉपर्टी टैक्स से आता है। यह स्थानीय निकायों के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत है। अगर आप प्रॉपर्टी टैक्स नहीं चुकाते तो स्थानीय निकाय आपको पानी का कनेक्शन और अन्य सुविधाएं देने से इनकार कर सकता है। साथ ही बकाया राशि पाने के लिए वह कानूनी एक्शन भी ले सकता है।
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इन विभागों ने जमा करवाया टैक्स
विभाग का नाम भुगतान टैक्स
हथनी कुंड बैराज 2270902
रेडक्रास 13386
हैफेड पेड
सेंट्रल वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन 1065733
जर्सी क्रॉस ब्रीडिंग स्टेशन 789354
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जगाधरी में स्थित इन विभागों का बकाया टैक्स
विभाग टैक्स बकाया छूट पर ये भरना था
पुलिस लाइन जगाधरी 21079839 13116343
सिटी थाना जगाधरी 708121 440510
पुलिस क्वार्टर, रक्षक विहार 1477658 886595
जिला जेल 1410592 1410592
ऑफिस सिविल लाइन 228466 142156
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, जगाधरी 710769 442255
एसडीएम रेजीडेंस, गांधी धाम 257856 159163
ऑफिस, गांधी धाम 1379518 814499
रेवन्यू स्टॉफ क्वार्टर-17 4944348 2966609
हुडा ऑफिस-18 610807 366483
हुडा ऑफिस-17 56172 34951
जिला सचिवालय 1230169 765438
डीसी कैंप ऑफिस 1156680 694008
इनकम टैक्स कमीश्रर 194400 120960
प्रेसीडेंट, डिस्प्यूट रेडरेसल फोरम 1383260 860695
डीडीएस डिवीजनल ऑफिसर 478299 297605
मैनेजर एचएसआईआईडीसी 363106 313929
बीडीपीओ 437147 260527
सीईओ, ब्लॉक समिति 1604991 995433
मार्केट कमेटी, जगाधरी 22092076 13746180
टिंबर मार्केट, मानकपुर 4389739 2654344
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यमुनानगर में स्थित इन विभागों का बकाया टैक्स
विभाग टैक्स डयू
पीडब्ल्यूडी 9445922
पब्लिक हेल्थ 5990832
एक्सईएन पब्लिक हेल्थ 1934835
एक्सईएन पीडल्यूडी 968720
पीसीसीएफ एचपी. 125028
सदर पुलिस स्टेशन 669887
पुलिस स्टेशन सिटी यमुनानगर 253512
पुलिस स्टेशन 180139
ट्रैफिक/महिला पी. स्टेशन 113876
एक्सईएन 93439
पुलिस स्टॉफ क्वार्टर 88005
जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर 91656
पोस्ट ऑफिस 74662
आरपीएफ जगा. वर्कशॉप 1756758
सीडब्ल्यूएम जगा. वर्कशॉप 73603688
सी. डीईएन जगा. वर्कशॉप 51183389
आरपीएफ क्वार्टर 59527411

-छूट के बाद 18 करोड़ 21 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स के जमा हो पाए हैं जोकि बहुत कम है। अभी भी 70 करोड़ से अधिक का टैक्स बकाया है। टैक्स न भरने वालों के खिलाफ नोटिस तैयार करवाएं जा रहे हैं। सरकारी विभाग भी डिफाल्टर है। उनसे भी कई बार पत्र व्यवहार किया जा चुका है। इसके बाद भी अगर टैक्स जमा नहीं करवाया गया तो सीलिंग की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। -विपिन गुप्ता, जेटीओ।
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