इंश्योरेंस करने के नाम पर बिजली निगम के रिटायर्ड कैशियर से हड़पे 77 लाख 40 हजार रुपये
कोर्ट के आदेश पर शहर पुलिस ने की कार्रवाई, जांच में जुटी पुलिस
कंपनी में जमा नहीं करवाकर खुद हड़पते रहे इंश्योरेंश की राशि, नहीं करवाया इंश्योरेंश
आरोपी इंश्योरेंश कंपनी एजेंट पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। इंश्योरेंश करने के नाम पर बिजली निगम के रिटायर्ड कैशियर से 77 लाख 40 हजार रुपये हड़प लिए। आरोप इंश्योरेंश कंपनी के एजेंट पिता-पुत्र पर है। आरोप यह है कि पिता पुत्र रिटायर्ड कैशियर द्वारा दी गई पेमेंट कंपनी में जमा नहीं करवाई और न ही उनका इंश्योरेंश करवाया। इंश्योरेंश की राशि को आरोपी स्वयं हड़पते रहे। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामले में आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
लालद्वारा कॉलोनी निवासी जयप्रकाश ने बताया कि वह बिजली निगम से कैशियर के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। वर्ष 2015 में वह पीएनबी में पैसा जमा करवाने के लिए गया था। इस दौरान वहां पर उसकी मुलाकात एक महिला से हुई। महिला ने अपने आप को पीएनबी मैटलाइफ इंश्योरेंस तथा कोटेक महिंद्रा इंश्योरेंश का एजेंट बताया। महिला ने उसे इंश्योरेंस कंपनी में पैसा इनवेस्टमेंट करने का सुझाव दिया। वह महिला की बातों में आ गया। जिस पर महिला ने उसे बॉस जिला हिसार के हांसी मोहल्ला रामपुरा निवासी सुमित से मिलवाया। आरोपी ने उसका उक्त कंपनी में इंश्योरेंश कर दिया। जिस पर आरोपी ने 2015 से 16 के बीच उससे 77 लाख 40 हजार रुपये ले लिए। इस दौरान आरोपी उनको उक्त पैसों की रशीद भी देता रहा। मगर आरोपी ने पैसों को कंपनी में जमा नहीं करवाया। शक होने पर जब उन्होंने करनाल स्थित कंपनी के मुख्य कार्यालय में संपर्क किया तो वहां मौजूद अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सुमित द्वारा कंपनी में उनका कोई इंश्योरेंश नहीं किया गया है और न ही उनके नाम से पैसे जमा करवाए गए हैं। जांच के दौरान आरोपी द्वारा दी गई रशीद भी फर्जी मिली। रशीद फर्जी मिलने पर वह परेशान हो गया। उसने तुरंत आरोपी सुमित से संपर्क किया। आरोपी ने समझौते के नाम पर उन्हें अपने पिता कृष्ण के हस्ताक्षर किए हुए चेक व डीडी थमा दी। जब उन्होंने चेक व डीडी बैंक में जमा करवाए तो वह भी बाउंस हो गए। उसने इस बारे आरोपियों से बात की और अपने पैसे वापस मांगे। मगर आरोपियों ने पैसे देने से मना कर दिया और उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने परेशान होकर आरोपियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिस पर परेशान होकर उसने कोर्ट में याचिका डाली। जिस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई धाराओं के तहत केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
वर्जन
जांच अधिकारी एसआई दल सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।