किसान की मौत के बाद जमीन पत्नी के नाम कराने वाले और नंबरदार समेत तीन को तीन-तीन साल कैद
निचली अदालत से बरी होने के बाद एडीजे चंद्रशेखर की कोर्ट ने दिया तीनों को दोषी करार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। एडिशनल सेशन जज चंद्रशेखर की कोर्ट ने जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में सबीलपुर निवासी लच्छमण, पिलखनवाला निवासी हरजीत सिंह और बुढ़ी निवासी चरण सिंह को दोषी करार दिया है। तीनों दोषियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई। साथ ही छह-छह हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। सरकारी वकील गुलदेव टंडन ने बताया कि इस धोखाधड़ी केस में दोषी निचली अदालत से बरी हो चुके थे। अब एडीजे चंद्रशेखर की कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोषियों में हरजीत सिंह नंबरदार है, लच्छमण जमीन खरीदने वाला और चरण सिंह गवाह था।
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यह था मामला :
गांव सबीलपुर में सरणजीत की जमीन थी। उसकी मौत के बाद उसकी तीन कनाल जमीन को लच्छमण ने अपनी पत्नी के नाम करा दिया। आरोप था कि लच्छमण ने सरणजीत की मौत के बाद उसके स्थान पर किसी और को खड़ा किया और जमीन की रजिस्ट्री करा ली। नंबरदार हरजीत और गवाह बने चरण सिंह ने रजिस्ट्री पर साइन किए। उन्होंने सरणजीत की जगह खड़े हुए व्यक्ति को सरणजीत बताया। रजिस्ट्री के बाद इसका पता चला। साल 2008 में साढौरा पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। तब पुलिस ने लच्छमण, नंबरदार हरजीत और चरण सिंह को आरोपी बनाया था। तभी से मामला कोर्ट में चल रहा था।