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सहारनपुर के मोनू की अल्ट्रासाउंड मशीन से अपने घर में जांच करवाता था सुभाष

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सहारनपुर के मोनू की अल्ट्रासाउंड मशीन से अपने घर में जांच करवाता था सुभाष
गिरफ्तार किए आरोपी सुभाष को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया
कलानौर बॉर्डर पर गुरुवार को पकड़े लिंग जांच गिरोह की मुख्य आरोपी परमजीत पहले से है गिरफ्तार
- 30 हजार रुपये में गर्भ की जांच करवाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कलानौर बॉर्डर पर भ्रूण की जांच करने वाले गिरोह के भंडाफोड़ के बाद उसके दूसरे आरोपी सहारनपुर निवासी सुभाष उर्फ सोनू को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। आरोपी को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया। पुलिसया पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सहारनपुर निवासी मोनू की अल्ट्रासाउंड मशीन से उसके घर में भ्रूण की जांच की जाती थी। मामले में अभी तक पुलिस ने नर्स परमजीत को गिरफ्तार किया है। जो महिलाओं की यूपी में जाकर जांच करवाती थी। मामले में अभी बराड़ा के चावला अस्पताल की परमजीत चावला व अल्ट्रासाउंड मशीन मालिक मोनू की गिरफ्तारी बाकी है। परमजीत चावला ने 30 हजार रुपये में भ्रूण जांच का सौदा करवाया था।
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बिना डिग्री के रखी हुई थी घर में अल्ट्रासाउंड मशीन :
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सुभाष उर्फ सोनू ने भ्रूण लिंग जांच के लिए अपने घर में ही अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई हुई थी। यहां पर परमजीत हरियाणा से ले जाकर गर्भवती महिलाओं के पेट में पल रहे भ्रूण के लिंग की जांच करवाती थी। सुभाष के पास डॉक्टर की कोई डिग्री नहीं है। उसने बताया कि उसके घर पर जो मशीन है वह सहारनपुर के ही मोनू की है। मोनू की अल्ट्रासाउंड करने आता था। पुलिस को अब उसकी तलाश है।
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यूपी में चेन सिस्टम से चल रहा भ्रूण जांच का धंधा :
सहारनपुर में गर्भवती महिला के भ्रूण लिंग जांच कराकर वापस आते समय कलानौर से पकड़ी नर्स परमजीत उर्फ परविंदर कौर ने भी रिमांड के दौरान कई खुलासे किए। पूछताछ में सामने आया कि यूपी में भ्रूण लिंग जांच का धंधा चेन सिस्टम से चलता है। गिरोह के तार बराड़ा के चावला अस्पताल से जुड़ रहे हैं। यहां से भ्रूण जांच करवाने आने वाली महिला से सौदेबाजी तय कर उसे सहारनपुर ले जाया जाता था। नर्स सुभाष से संपर्क करती थी। सुभाष अल्ट्रासाउंड करने वाले से। जिसके बाद भ्रूण जांच की जाती थी।
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ऐसे हुआ था खुलासा :
दरअसल अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीम को एक गुप्त सूचना मिली थी। उस गुप्त सूचना को आधार मानते हुए कि चावला अस्पताल की परमजीत चावला गर्भवती महिलाओं के पेट में पल रहे भ्रूण की जांच करवाती है। सूचना के आधार पर टीम ने इस गिरोह तक पहुंचने के लिए गर्भवती महिला को चावला अस्पताल की परमजीत चावला से संपर्क कराया था। आरोप है कि बराड़ा की परमजीत चावला ने भ्रूण लिंग जांच का सौदा कर यूपी में जगाधरी के अर्जुन नगर निवासी परमजीत उर्फ परमिंद्र कौर को भेजा था। सहारनपुर में भ्रूण जांच करवाकर लौटते समय टीम ने कलानौर चौकी पुलिस की मदद से कलानौर बार्डर पर परमजीत को गिरफ्तार कर लिया। परमजीत को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया था। रविवार को उसे दोबारा कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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बीएएसएस डिग्री पर चलाती है अस्पताल :
बराड़ा की परमजीत चावला बराड़ा में ही अपना अस्पताल चलाती है। बताया जा रहा है कि उसके पास बीएएमएस की डिग्री है। उधर परमजीत उर्फ परमिंद्र शहर के निजी अस्पताल में नर्स थी। वह इसके अलावा शहर के अन्य कई बड़े अस्पतालों में काम कर चुकी है। निजी अस्पताल संचालक का कहना है कि जब परमिंद्र पहली बार पकड़ी गई थी तो उन्होंने उसे नौकरी से निकाल दिया था। बाद में वह अपने परिवार के सदस्यों को लेकर आ गई थी और दोबारा नौकरी पर लगने की गुहार लगाने लगी। उसने कहा था कि वह आगे से ऐसा नहीं करेगी। जब शुक्रवार को उसके पकड़े जाने का पता चला तो उन्हें खुद पर दुख आया कि उन्होंने उसे दोबारा नौकरी क्यों दी। बता दें जगाधरी की परमजीत 2016 में भी हरियाणा की गर्भवती महिलाओं का यूपी में ले जाकर भ्रूण लिंग जांच के आरोप में पकड़ी जा चुकी है।
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एफआईआर में इनके खिलाफ है केस दर्ज :
भ्रूण जांच में नर्स परमजीत को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने मामले में परजीत के अलावा बराड़ा के चावला अस्पताल की संचालिका परमजीत चावला और सहारनपुर निवासी सोनू का नाम है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत के अनुसार उन्हें पता चला था कि बराड़ा में स्थित चावला अस्पताल में कार्यरत महिला परमजीत चावला गर्भवती के भ्रूण के लिंग जांच के कार्य में संलिप्त है। इसके लिए सिविल सर्जन अंबाला ने परमजीत (अंबाला) को इस बारे में पता करने के लिए कहा। आरोप है कि परमजीत कौर बराड़ा के चावला अस्पताल में गई और उसने वहां से पता किया कि परमजीत चावला यह कार्य 30 हजार रुपये लेकर करवा देगी। इसके लिए उसने उसे किसी भी दिन सुबह 9.30 बजे आने को कहा। 25 जनवरी को इस कार्य के लिए एक गर्भवती महिला को नकली ग्राहक बनाया गया और आगे पैसे देने के लिए पीएनडीटी के खाते से 30 हजार निकलवाए गए। दोनों महिलाएं चावला अस्पताल पर पहुंची। वहां पर परमजीत चावला गाड़ी में बैठ गई और यमुनानगर की तरफ चलने को कहा। जगाधरी बस स्टैंड के पास पहुंच कर वहां से जगाधरी की परमजीत उर्फ परमिंद्र कौर गाड़ी में बैठ जाती है और परमजीत चावला उतर जाती है। चावला 30 हजार में से कुछ पैसे अपने पास रख लेती है और बाकी परमजीत उर्फ परमिंद्र को दे देती है। इसके बाद परमिंद्र कौर उन्हें लेकर सहारनपुर ले जाती है। सहारनपुर दिल्ली रोड पर परमिंद्र कौर गाड़ी रुकवाकर गर्भवती महिला को अपने साथ ऑटो में बैठाकर ले जाती है। आगे जाकर परमिंद्र एक बाइक चालक को फोन कर बुलाती है और वह युवक सोनू बाइक पर परमिंद्र और ग्राहक बनी महिला को ले जाता है। एक घंटे बाद उन्हें वापस छोड़ जाता है। वापस आने पर परमिंद्र गर्भवती महिला को बताती है कि उसके पेट में पल रहा बच्चा लड़की है। वापसी में कलानौर के पास टीम परमिंद्र को दबोचा गया।
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वर्जन
मामले में गिरफ्तार सुभाष उर्फ सोनू को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपी से अल्ट्रासाउंड मशीन व मशीन चलाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
- ईश्वर सिंह, इंचार्ज, कलानौर चौकी।
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