- तेज रफ्तार ट्रॉले ने बाइक सवार को कुचला, 50 मीटर तक बाइक तक घसीटते ले गया
यमुनानगर। जिले में कोहरे के कहर ने तीन जान ले ली हैं। पहली घटना नवनिर्मित नेशनल हाइवे 344 पर हुई। मंगलवार रात सुढैल चौक पर ट्रॉले की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। ट्राले बाइक सवार को घसीटता हुआ करीब 50 मीटर तक ले गया। दूसरा हादसा खिजराबाद में एक ट्रक ने बाइक सवारों को कुचल दिया, एक की मौत हो गई। तीसरे हादसे में गुंदियाना के पूर्व सरपंच सतपाल की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। रेलवे ट्रैक पार करते समय धुंध की वजह से उसे ट्रेन आती दिखाई नहीं दी। पुलिस ने तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया।
पहला हादसा :
हाइवे का सुढैल चौक खतरनाक
-कान्हडी कलां निवासी अनिल कुमार (25) की मंगलवार को निजी काम से यमुनानगर आया था। काम समाप्त कर रात करीब आठ बजे अपनी बाइक पर घर जा रहे थे। दूसरी बाइक पर उसका भाई मंजीत भी यमुनानगर से घर लौट रहा था। दोनों भाई अलग अलग बाइकों पर सवार होकर घर लौट रहे थे, जैसे ही वह नवनिर्मित नेशनल हाइवे के बाइपास पर सुढैल चौक के पास पहुंचे तो सहारनपुर की ओर से तेज गति से आ रहे ट्राले ने अनिल की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद ट्राला बाइक सवार को बाइक समेत घसीटते हुए करीब 50 मीटर तक ले गया। इससे अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा दूसरी बाइक पर सवार अनिल के छोटे भाई मंजीत के सामने हुआ। ट्राला चालक मौके से ट्राला छोड़ कर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय धुंध थी। जांच अधिकारी एएसआई बलदेव का कहना है कि ट्राला चालक के खिलाफ एफआईआर दर्जकर ली है।
बॉक्स
तीन लोगों की जा चुकी है जान
सुढैल चौक पर हादसे में युवक की मौत पर लोग भड़क गए। लोग हाइवे के बीच आ गए और जाम लगा दिया। लोगों का कहना था कि जब से नवनिर्मित बाइपास बना है। तब से इस चौक पर कई हादसे हो चुके है। तीन लोगों की हादसों में मौत हो चुकी है। ग्रामीणों और किसानों ने यहां अंडर या ओवर ब्रिज बनाने की मांग रखी थी। लेकिन नहीं मानी गई। इसके अलावा चौक पर भी ना तो ट्रैफिक सिग्नल है और ना ही अन्य साधन। जिससे हादसे हो रहे है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों का समझाकर शांत किया।
दूसरा हादसा
ट्रक ने बाइक सवार दो मजदूरों को कुचला, एक की मौत
सहारनपुर के गांव कासमपुर माजरा पाडली निवासी बरखा राम ने बताया कि वह मेहनत मजदूरी का काम करता है। बुधवार सुबह समय करीब साढ़े सात बजे वह व अपने गांव के ही प्रवीन कुमार, जनेश्वर (40) व ओमबीर उर्फ सुखबीर के साथ मजदूरी करने के लिए दो बाइकों पर गांव डारपुर के जंगल के लिए चले थे। वह और प्रवीन कुमार एक बाइक पर थे। जिसे प्रवीन चला रहा था और वह उसके पीछे बैठा था। दूसरी बाइक पर जनेश्वर और ओमबीर थे। जगाधरी पौंटा नेशनल हाइवे पर जब वे गांव चांदपुर माजरी के शिव मंदिर के सामने पहुंचे तो तेज रफ्तार एक ट्रक आया। धुंध में आरोपी चालक ने लापरवाही से ट्रक चलाते हुए उनके आगे चल रहे जनेश्वर की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जनेश्वर व ओमबीर उर्फ सुखबीर अपनी बाइक सहित सड़क पर गिर गए। ट्रक उन्हें कुचलता हुआ आगे निकल गया। हादसे में जनेश्वर व ओमबीर उर्फ सुखबीर गंभीर रूप से घायल हो गए और बाइक बुरी तरह से टूट गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। उसने व प्रवीन कुमार ने हादसे में घायल हुए जनेश्वर व ओमबीर को एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल खिजराबाद में पहुंचाया। जहां पर डाक्टर ने चैक करने के बाद जनेश्वर को मृत घोषित कर दिया। ओमबीर को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। जहां उसे उपचार दिया गया। पुलिस ने मामले में अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्जकर तलाश शुरू कर दी है।
इनसर्ट
तीसरा हादसा
रेलवे फाटक पर लाइन पार कर रहे पूर्व सरपंच की ट्रेन से कटकर मौत :
गुंदियाना निवासी (65)सतपाल गांव के पूर्व सरपंच व समाजसेवी थी। मंगलवार को किसी काम से यमुनानगर आए थे। जहां से ट्रेन के माध्यम से रेलवे स्टेशन मुस्तफाबाद पहुंचे। घर जाने के लिए जब वे स्टेशन के पास बनी रेलवे फाटक क्रॉस कर रहे थे तो एक ट्रेन आई और उसे चपेट में ले गया। इससे सतपाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना जीआरपी को दी गई। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आसपास के लोगों से शिनाख्त का प्रयास किया। लेकिन शिनाख्त नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने मृतक सतपाल की जेब से एक डायरी मिली। जिसमें लिखे फोन नंबरों पर संपर्क कर उसकी शिनाख्त गुंदयाना के पूर्व सरपंच सतपाल के रूप में की गई। जीआरपी से एसआई बोधराज का कहना है जिस समय यह हादसा हुआ उस समय रेलवे फाटक बंद थी और रेलवे फाटक पार करते समय ही हादसा हुआ है। मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सौंप दिया गया है।
फोटो : 15, 16, 17 व 18