एटीएम चोर गिरोह के मुख्य सरगना सहित तीन और आरोपी गिरफ्तार
यमुनानगर। एटीएम चोर गिरोह के मुख्य सरगना सहित तीन और आरोपियों को सीआईए-2 की टीम ने गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपियों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है। पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों से कईं बड़े मामलों के खुलासे होने की संभावना है।
सीआईए-2 इंचार्ज श्रीभगवान यादव ने बताया कि जिले में लगातार एटीएम चोरी की वारदातें हो रही थी। जिसका जिम्मा एसपी ने सीआईए-2 को दिया था। टीम तीन दिन पहले एटीएम तोड़ने के गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जिसमें गिरोह का खुलासा हुआ है। उनके द्वारा बताए ठिकानों पर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। शुक्रवार को उन्हें सूचना मिली थी कि एटीएम चोर गिरोह के सदस्य जगाधरी वर्कशाप रेलवे स्टेशन के पास से भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर धर्मपाल की टीम ने दबिश देकर मुख्य सरगना सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में जिनकी शिनाख्त अमरपुरी कालोनी निवासी संजीव, डाहरपुर निवासी इमरान व ताहरपुर निवासी आकिल के नाम से हुई। आरोपी संजीव गिरोह का मुख्य सरगना है।
इंचार्ज श्रीभगवान ने बताया कि टीम ने अब तक गिरोह के पांचों सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। तीन दिन पहले गधौली निवासी शिवकरण व कांसापुर निवासी वीरेंद्र को टीम ने गिरफ्तार किया था। अब इस एटीएम चोर गिरोह के मास्टरमाइंड संजीव व उसके बचे हुए साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिवकरण से लोहे की राड व आरोपी आकिल से लोहे की पाटल बरामद हुई है।
इन वारदातों के हुए खुलासे
जिले में पिछले दो महीने में पांच एटीएम तोडने की वारदातें हुई है। यह चोर गिरोह पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। 25 नवंबर को विश्वकर्मा चौक, दो दिसंबर को बिलासपुर में पीएनबी के एटीएम को तोड़ चोरी का प्रयास किया गया। 11 दिसंबर को कमानी चौक के पास एटीएम तोड़ा। 18 दिसंबर को बिलासपुर में और दो दिन पहले खेड़ीलक्खा सिंह में एटीएम तोड़ने की वारदातों का प्रयास किया गया था।
इंचार्ज श्रीभगवान यादव का कहना है कि मुख्य आरोपी संजीव ही फोन करके अन्य सभी सदस्यों को बुलाता था और उसके बाद वह एटीएम तोडने की वारदात को अंजाम देते थे। जब भी वारदात करते थे, आरोपी संजीव ही फैसला करता था कि वारदात के लिए किस-किस को बुलाना है। अब पुलिस रिमांड के दौरान यह पता करेगी कि किस वारदात में कौन सा आरोपी है। आरोपी संजीव पर पहले भी 22 मामले चोरी के दर्ज है। आरोपी इमरान पर दो चोरी के केस दर्ज है।