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12 हजार रूपये में करती थी कोख में पल रहे बच्चे को मारने का सौदा

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गर्भपात की किट के साथ तीन साल बाद फिर काबू हुई महिला
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-12 हजार रुपये में करती थी कोख में पल रहे बच्चे को मारने का सौदा
-स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी की टीम ने फर्जी ग्राहक भेज साढौरा से किया महिला को गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। तीन साल पहले साढौरा में जिस महिला को गर्भपात की किट बेचते हुए गिरफ्तार किया था, उसी महिला को फिर से स्वास्थ्य विभाग की पीएनडीटी टीम ने साढौरा पुलिस के साथ मिलकर किट के साथ गिरफ्तार किया है। महिला 12 हजार रुपये में कोख में पल रहे बच्चे को मारने का सौदा करती थी। टीम ने फर्जी ग्राहक भेजकर महिला को रंगे हाथ काबू किया। महिला के खिलाफ केस दर्ज कर किया है।

किट बेचने की सूचना पर विभाग ने टीम बनाकर पकड़ने का बनाया प्लान
स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि साढौरा में साढौरा निवासी गोगी रानी अपने क्लीनिक पर गर्भपात किट बेचती है। पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. राजेश परमार, डॉ. गोल्डी, जिला आशा कोर्डिनेटर सूरज भान, सीडीपीओ प्रवीणा छाबड़ा, नितिश की टीम बनाई गई। दो महिला ग्राहक तैयार की गई। वह सढौरा निवासी गोगी रानी के क्लीनिक पर गई। वहां जाकर उन्होंने उससे बातचीत की और 12 हजार रुपये में गर्भपात की किट देना महिला से तय हो गया। फर्जी महिला ग्राहक उसे चार हजार रुपये देकर आई। वीरवार को महिला ने ग्राहक को आठ हजार रुपये लेकर क्लीनिक पर बुलाया और गर्भपात की किट ले जाने के बारे में कहा। दोनों फर्जी ग्राहक महिलाएं आठ हजार रुपये लेकर महिला साढौरा निवासी गोगी रानी के क्लीनिक पर गई। इन पर पीएनडीटी की टीम के हस्ताक्षर किए हुए थे। जैसे ही उन्होंने महिला को पैसे दिए और वह किट देने लगी तो पीछे से पीएनडीटी की टीम ने छापेमारी कर रंगे हाथों महिला को पकड़ गई। साढौरा पुलिस सुभाष चंद्र व टीम ने महिला को गिरफ्तार कर लिया। टीम की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर किया है। महिला से हस्ताक्षर किए हुए नोट भी बरामद कर लिए गए हैं।
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पहले भी पकड़ी गई महिला : पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. राजेश परमार ने बताया कि इससे पहले यह महिला 9 अगस्त 2015 में पकड़ी गई थी। उस समय महिला को शादीपुर के पास से गर्भपात की किट के साथ पकड़ा था और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया था। उसके बाद वह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। महिला ने बाहर आते ही फिर वही काम शुरू कर दिया। महिला अब भी गर्भपात की किट बेचते हुए पकड़ी गई है।
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टीम पहुुंचने से पहले फर्जी ग्राहक को दे थी दवाई, हालत खराब
उधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गोगी रानी के क्लीनिक में फर्जी ग्राहक बनाकर भेजी गई महिला की समय जान आफत में आ गई थी। दरअसल जो महिला ग्राहक बनाकर भेजी गई थी वह भी तीन माह की गर्भवती है। वहीं गर्भपात गिराने के लिए गोगी ने उसे एक गोली खिला दी और दो गोलियों को गर्भ में रख दी। इसके थोड़ी देर बाद ही इशारा पाकर टीम मौके पर पहुंच गई और गोगी को दबोच लिया। इसके बाद टीम ने फर्जी ग्राहक महिला को उल्टियां करवाई। लेकिन दवाई का असर होने से महिला को ब्लीडिंग हो गई और महिला की हालत खराब हो गई। हालत को देखकर विभागीय टीम के हाथ पैर फूल गए। टीम सदस्यों ने उसे मौके पर प्राथमिक उपचार दिलाकर जगाधरी सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसका इलाज चल रहा है। उधर सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि दवाई के असर से महिला को ब्लीडिंग जरूर हुई, लेकिन उसे तुरंत जगाधरी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब महिला की हालत पहले से बेहतर है।

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