पैसे न देने पर अस्पताल ने शव देने से किया इनकार, पति ने मदद के लिए लोगों के आगे फैलाए हाथ
जगाधरी के निजी अस्पताल में अलसुबह हुई महिला की मौत, पति का आरोप पैसे न देने पर किया शव देने से इनकार
पुलिस के आने पर अस्पताल संचालकों ने नकारे आरोप, परिजनों को दिया शव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जगाधरी के निजी अस्पताल में एडमिट 30 वषीय महिला संजू देवी की मौत हो गई। उसके पति रायपुर कॉलोनी निवासी शेरू का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने पैसे जमा न कराने पर शव देने से इनकार कर दिया। जेब में रुपये न होने पर शेरू ने पैसे जुटाने के लिए लोगों के आगे हाथ पसारे। लेकिन वह पूरे पैसे नहीं जुटा पाया। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदारों व परिजनों को बुलाया। जिन्होंने डॉक्टर पर महिला के उपचार में लापरवाहीं करने का आरोप लगाया। अस्पताल द्वारा शव न देने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। बाद में अस्पताल संचालक ने शव को दे दिया।
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शव देने के लिए मांगे 24500 रुपये :
शेरू ने बताया कि उसकी पत्नी का शव देने से पहले उससे 24 हजार 500 रुपये मांगे गए। सुबह ही अस्पताल स्टाफ ने उनसे पेमेंट देने के लिए कहा था। वह पेमेंट के पैसे जुटाने चला गया। क्योंकि उसके पास जो सात हजार रुपये थे, वह पहले ही बीमारी पर लगा चुका था। अब उसके पास कोई पैसा नहीं बचा था। जब उसने पैसे न होने की बात कहीं तो डॉक्टर ने 20 हजार रुपये देकर शव ले जाने की बात कहीं। उसने अपने परिजनों को फोन किया। परिजन रामजीलाल, कोशलया देवी, बच्चा राम ने बताया कि उन्होंने एरिया में पैसे मांगे और करीब 12 हजार रुपये जुटाए। वे पैसे लेकर यहां पर पहुंचे थे। उन्हें पता चला है कि पेमेंट न देने पर शव देने से मना किया गया।
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डॉक्टर ने किडनी में बताई थी दिक्कत:
शेरू ने बताया कि उसकी पत्नी संजू देवी कई दिन से बीमार चल रही थी। उसे उल्टी और दस्त की दिक्कत थी। उसका कई चिकित्सकों पर इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं हुआ। रविवार को उन्होंने उसे जगाधरी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी किडनी में दिक्कत बताई गई। हालात में सुधार न होने पर गुरुवार सुबह पांच बजे उसकी पत्नी की मौत हो गई। शेरू ने बताया कि वह झारखंड का रहने वाला है। रायपुर में बाला सुंदरी प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करता है। उसके पास तीन लड़के और एक लड़की है।
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आरोप गलत व बेबुनियाद :
अस्पताल संचालक राहुल कुमार ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप गलत व निराधार है। ऐसा कोई मामला नहीं हुआ। उधर, डॉक्टर विकास सक्सेना ने बताया कि वे तो वीरवार सुबह से मृतका के परिवार को मिले ही नहीं। पेमेंट न देने पर शव न देने की बात झूठी है। महिला की हालत खराब थी। उन्होंने तो पहले ही हालत गंभीर देखते हुए उसे किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की बात कही थी, लेकिन महिला के परिवार के लोग नहीं माने।
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दिला दिया है शव :
हम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। महिला का शव परिजनों को दिला दिया है। पुलिस ने खुद ही एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। डाक्टर से जानकारी ली तो उन्होंने इन आरोपों को नकारा है। इस संबंध में मृतका के परिजनों ने पुलिस को कोई लिखित शिकायत भी नहीं दी।
-बलराज सिंह, अर्जुन नगर चौकी इंचार्ज।
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