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गुरुग्राम से स्टोन क्रशर के लिए मंगवाई मशीनरी यमुनानगर आकर निकली नकली

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गुरुग्राम से स्टोन क्रशिंग के लिए मंगवाई मशीनरी यमुनानगर आकर निकली नकली
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-मंशादेवी स्टोन क्रशर के पार्टनर ने मैटसो कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत 13 के खिलाफ करवाया केस दर्ज
-मालिक बोला, स्टोन क्रशर के लिए मशीनरी के लिए कंपनी को दिए थे 5 करोड़ 34 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। स्टोन क्रशर के लिए गुरुग्राम से मंगवाई गई मशीनरी यमुनानगर आकर नकली मिली। मशीनरी की कीमत 5 करोड़ 34 लाख रुपये बताई गई है। क्रशर के पार्टनर ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। पुलिस को दी शिकायत में मंशादेवी स्टोन क्रशर के पार्टनर रामपाल ने बताया कि गांव रुलाहेड़ी में स्टोन क्रशर प्लांट लगाना था। इसके लिए उन्होंने गुरुग्राम की मैटसो कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने मशीनरी की कीमत 5 करोड़ 30 लाख रुपये बताई। जिसे खरीदने का समझौता हो गया। शुरुआत में उन्होंने 1 करोड़ 34 लाख रुपये कैश दिए थे और 4 करोड़ रुपये कलकत्ता की एक फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस करवा लिए। इसके बाद कंपनी ने मशीन को भेज दिया और प्लंाट लगा लिया। लेकिन मशीन ने सरकारी मानकों के अनुसार माल नहीं निकाला, इसकी शिकायत उन्होंने कंपनी को दी। लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। जिसके बाद पुलिस में पर्चा दर्ज करवा दिया।
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मानकों के अनुसार नहीं निकला माल
पुलिस को दी शिकायत में रामपाल ने बताया कि 27 जून 2017 को गुरुग्राम स्थित मैटसो कंपनी से करीब 5.34 करोड़ रुपये की स्टोन क्रशर की मशीनरी खरीदी थी। इस दौरान कंपनी द्वारा उन्हें उच्च क्वालिटी की गुणवत्ता युक्त मशीनरी देने का वादा किया था। लेकिन बाद में कंपनी ने उन्हें जो मशीनरी भेजी वह डूप्लीकेट निकली। इसके बारे में पता तब चला जब मशीन ने सरकारी मानकों के अनुसार माल नहीं निकला। जबकि माल मानकों के अनुसार 30 प्रतिशत अच्छा निकलना चाहिए था, किंतु मशीन ने 40 से 45 प्रतिशत माल घटिया निकाला।
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प्लांट लगाने के लिए ठेके पर ली जमीन
रामपाल ने बताया कि स्टोन क्रशर लगाने के लिए उन्होंने गांव में ही 10 से 12 किले ठेके पर लिए। जिनपर पहले ही ढाई करोड़ रुपये खर्च आ चुका है। जिसकी भरपाई होना मुश्किल है। क्योंकि मशीन खराब निकलने के बाद से प्लांट बंद पड़ा है जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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बड़ी बिल्डिंगों में प्रयोग की जाती है बजरी
मंशादेवी स्टोन क्रशर के पार्टनर रामपाल ने दी शिकायत में बताया कि जो मशीनरी कंपनी की तरफ से भेजी गई है। शुरूआती दौर से ही कमजोर (घटिया माल) माल निकाला है। जिसके बाद प्लंाट बंद कर दिया गया। क्योंकि प्लंाट से बनाई जाने वाली बजरी केवल बड़ी बिल्डिंगों के लिए ही प्रयोग की जाती है। इसलिए उनके लिए यह बजरी सही नहीं थी। हालांकिे कंपनी के नुमाइंदों ने प्लंाट लगाने व अच्छा किस्म का माल निकालने की पूरी गारंटी ली थी। मगर वह किसी पर भी खरा नहीं उतरे। लेकिन उन्हें मशीनरी लगाने से काफी घाटा हुआ है।
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इनके खिलाफ किया गया मामला दर्ज
वहीं पुलिस ने मंशा देवी स्टोन क्रशर के पाटर्नर रामपाल की शिकायत पर गुरुग्राम स्थित मैटसो कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राकेश कुमार, निदेशक पूनम गुप्ता, निदेशक अमित अग्रवाल, सेल्स प्रतिनिधि दीपक, कंपनी के उपप्रधान नीरज श्रीवास्तव, बिजनेस हैड हरप्रीत सिंह, रिजनल सेल्स मैनेजर दीपक, वरिष्ठ प्रबंधक संजीव व रवि रंजन सिंह समेत तेरह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। मामले में अभी किसी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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वर्जन
मंशा देवी स्टोन क्रशर के पार्टनर रामपाल की शिकायत पर मैटसो कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर समेत 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
-सुरेश कुमार, एएसआई, आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा, यमुनानगर।
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