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जेल से संजीव ने चचेरे भाई को फोन कर पैरोल पर छुड़ाने की बनाई थी प्लानिंग

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जेल से संजीव ने चचेरे भाई को फोन कर पैरोल पर छुड़ाने की बनाई थी प्लानिंग
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- हिसार के पूर्व विधायक रेलू पुनिया सहित आठ लोगों की हत्या का आरोपी है संजीव, पैरोल पर आकर हुआ फरार
- पैरोल पर छुड़ाने के लिए चचेरे भाई ने ही किया था वकील हायर, चंगनौली के पूर्व सरपंच व बेटे को भी लिया था साथ अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हिसार के पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सहित परिवार के आठ सदस्यों का हत्यारोपी संजीव को पैरोल से फरार कराने की साजिश उसके चचेरे भाई नितिन कुमार ने रची थी। संजीव ने जेल में सरकारी फोन से नितिन को फोन कर उसकी पैरोल कराने को कहा था। इसके बाद नितिन ने उसकी पैरोल कराने के लिए अपने खर्च पर वकील हायर किया। पैरोल पर आने के बाद संजीव सहारनपुर में ही अपने घर रहा। 31 मई तक वहीं रहा, उसके बाद वहां से संजीव चला गया। यह बात पूछताछ के दौरान नितिन ने डिटेक्टिव स्टाफ को बताई। वीरवार को डिटेक्टिव स्टाफ ने गिरफ्तार किए गए सहारनपुर की लक्ष्मणपुरी कॉलोनी निवासी नितिन को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। डिटेक्टिव इंचार्ज जयपाल आर्य ने बताया कि नितिन ने ही संजीव की पैरोल के लिए पहले वकील हायर किया। इसके बाद चंगनौली के पूर्व सरपंच बलदेव व उसके बेटे कुलबीर के साथ मिलकर पूरी प्लानिंग तैयार की। इसके लिए जमानतियों को एक-एक लाख रुपये के चेक दिए गए। इस पैसे का इंतजाम भी नितिन ने ही किया था। आर्य ने बताया कि संजीव की तलाश में टीमें दबिश दे रही है। उसका अभी तक पता नहीं लगा है। पूछताछ में उसने कबूला कि संजीव को फरार कराने में वह शामिल था।
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ये था मामला
हिसार के पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सहित परिवार के आठ सदस्यों का हत्यारोपी संजीव जेल में बंद था। संजीव को 16 मई से लेकर 31 मई तक जेल से जमानत मिली थी। परंतु 31 मई के बाद संजीव जेल में वापस नहीं लौटा। कुरुक्षेत्र जेल के डीएसपी सुभाष चंद ने उसका इंतजार करने के बाद 10 जून को थाना बिलासपुर में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में बाद में पुलिस ने पूर्व सरपंच सहित कई लोगों पर केस दर्ज किया था।
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फोटो : 21
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