बावरिया गिरोह के मास्टर माइंड समेत चार सदस्य गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सीआईए वन ने आवर्धन नहर की पटरी से राहगीरों को रोककर लूटने वाले बावरिया गिरोह के मास्टर माइंड सहित चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। गिरोह राहगीर बने पुलिसकर्मी को लूटने की कोशिश में सीआईए टीम के हत्थे चढ़ गए। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों पर चोरी और लूट के दर्जनों मामले दर्ज है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है।
सीआईए वन के इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि गुरुवार रात उन्हें सूचना मिली थी कि हमीदा हैड पुल से गांव पांजूपुर की तरफ जाने वाली आवर्धन नहर की पटरी पर कुछ आरोपी लूट की फिराक में बैठे हुए हैं। इस पर आरोपियों को काबू करने के लिए योजना बनाई गई। टीम ने सीआईए के एक पुलिसकर्मी अमरजीत सिंह को राहगीर बना उस रास्ते पर भेजा गया। जब वह साइकिल से पटरी से पांजूपुर की तरफ चला, तो रास्ते में गिरोह के चार सदस्य उसे देख झाड़ियों से निकले और हथियारों के बल पर उसे घेर लिया। इतने में ही उसके पीछे छिपकर चल रही सीआईए पुलिस की टीम ने इन चारों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से चाकू, लोहे का पाईप, बिंडा, टार्च व अन्य हथियार बरामद किए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान यूपी के शामली जिले के गांव कलां खानपुर निवासी श्रवण कुमार, कलां खानपुर निवासी श्याम लाल, अहमदगढ़ निवासी सुनील व गांव रामपुर निवासी ओमप्रकाश उर्फ टुंडा के रूप में की गई। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी बावरिया जाति से संबंध रखते हैं और बावरिया गिरोह के सदस्य है। आरोपी श्रवण गिरोह का मास्टर माइंड है।
मास्टर माइंड सहित दो पर दर्जन से अधिक केस दर्ज
सीआईए वन इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने बताया कि बावरिया गिरोह का मास्टर माइंड आरोपी श्रवण है। इसके कहने पर ही पूरा गिरोह चलता था। आरोपी श्रवण पर करनाल में 14 मामले चोरी और कुछ लूट के दर्ज हैं। इसके अलावा पानीपत और यूपी के मुजफ्फरनगर में भी चोरी के कई केस दर्ज हैं। आरोपी ओम प्रकाश उर्फ टुण्डा के खिलाफ पंचकूला में चोरी के दो मामले दर्ज हैं और वहीं पर अन्य मामले में वह भगोड़ा घोषित किया हुआ है। जिसकी पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।
काफी सक्रिय रहा बावरिया गिरोह
इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि बावरिया गिरोह पहले सक्रिय रहा है। यह चारों अभी हाल में ही इस जिले में आए हैं। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है, जो चोरी, लूट, हत्या के मामलों में शामिल रहता है। यदि कोई पीड़ित लूट या चोरी का विरोध करता है तो यह उस व्यक्ति की हत्या तक कर देते हैं। इससे पहले गिरोह के सदस्य जिले में कोई वारदात को अंजाम देते पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
कई और वारदातों का हो सकता है खुलासा
सीआईए वन इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह का कहना है कि पकड़े गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूछताछ पर संगीन किस्म की कई वारदात के खुलासे की संभावना है।