- दुल्हन बनी लड़की बोली, मै अपनी मर्जी से करवा रही हूं शादी, उन्हें क्या लेना
- महिला एवं बाल संरक्षण बाल विवाह निषेध अधिकारी टीम ने गांव पाबनी खुर्द में की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव पाबनी खुर्द में मंगलवार को महिला एवं बाल सरंक्षण बाल विवाह निषेध अधिकारी टीम ने नाबालिग की शादी रुकवाई। टीम ने गांव के बाहर से ही बैंड बाजे के साथ आ रही बारात को वापस लौटा दिया। देर शाम टीम को किसी ने सूचना दी कि गांव में फिर से शादी हो रही है। सूचना पर टीम मौके पर गई। लेकिन सूचना गलत मिली। वहीं टीम के दोबारा आने पर लड़की के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। टीम अधिकारी ने उन्हें समझाकर शांत कर दिया।
जिला बाल संरक्षण बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंद्रजीत कौर को सूचना मिली थी कि गांव पाबनी खुर्द में नाबालिग लड़की की शादी की जा रही है। वे सहायक देवेंद्र शर्मा व टीम के साथ पहुंची। टीम ने देखा कि शादी की तैयारियां जोरों पर है। गांव इशरपुर से बारात आनी है। दुल्हन भी सजी हुई है। अधिकारी अरविंद्रजीत कौर ने लड़की के परिजनों को बुलाकर लड़की की उम्र के बारे में पूछा और उनसे उसकी उम्र की दस्तावेज मांगे। दस्तावेजों में लड़की का जन्म दिवस 10 फरवरी 2000 पाया गया। जिस आधार पर लड़की नाबालिग पाई गई। जिसके बाद टीम ने उसकी शादी रुकवा दी। इस दौरान दुल्हन बनी लड़की ने बाल विवाह निषेध टीम के साथ जमकर बहस की। लड़की ने कहा कि वो अपनी मर्जी से शादी करवा रही है। जिसके बाद टीम ने लड़की के परिवार को समझा कर शांत करवाया। बाल विवाह निषेध अधिकारी ने बताया कि परिवार से लिखित में लिया गया है कि वो लड़की के बालिग होने तक शादी नहीं करेंगे। यदि वो फिर भी शादी करते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव के मोड़ से बारात को बैरंग लौटाया :
लड़की के नाबालिग पता चलते ही टीम ने शादी रुकवा दी। इसी दौरान टीम को पता चला कि गांव के बाहर बारात आ चुकी है। तभी टीम सदस्य गांव के मोड़ पर पहुंचे। बैंड बाजे के साथ बारात भी गांव के मोड़ पर आ पहुंची थी। लेकिन टीम ने दूल्हे व दूल्हे के पिता को समझाया कि लड़की नाबालिग है। नाबालिग लड़की से शादी करने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जिसके बाद बारात दूल्हे सहित वापस लौट गई।
शाम को फिर हुआ हंगामा :
महिला एवं बाल विभाग की संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी अरविंद्रजीत कौर दोपहर को शादी रुकवा कर टीम के साथ वापस आ गई। शाम को फिर उन्हें सूचना मिली कि पाबनी में लड़की की शादी की जा रही है। इस पर टीम फिर गांव में पहुंची। लेकिन यहां पर शादी नहीं की जा रही थी। उन्हें सूचना गलत दी गई थी। टीम के दोबारा पहुंचने पर लड़की व उसके परिजनों ने फिर टीम सदस्यों के साथ जमकर बहस की। जिसके बाद हंगामा हो गया।
वर्जन
गांव पाबनी खुर्द में नाबालिग लड़की की शादी रुकवाई गई है। दोपहर को ही बारात को वापस भेज दिया गया था। शाम को टीम गांव में दोबारा गई थी। सूचना गलत निकली है। लड़की की शादी नहीं हुई है। हालांकि परिजनों ने थोड़ी बहस की, लेकिन उन्हें समझा दिया गया।
- अरविंद्रजीत कौर, महिला एवं बाल विभाग की संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी।
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