जगाधरी रेलवे स्टेशन को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस बार धमकी पत्र के बजाय फोन पर दी गई। फोन बुधवार रात दो बजे खिजराबाद के भूड़कलां स्थित हाइडल प्लांट के माली को आया।
माली ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी। इससे जिला व रेलवे पुलिस में हड़कंप मच गया और रातभर दोनों की नींद उड़ी रही। वीरवार सुबह भी जीआरपी के साथ अंबाला-चंडीगढ़ से पहुंचे डॉग स्क्वॉयड सहित बम निरोधक दस्ते ने करीब ढाई घंटे सर्च ऑपरेशन चलाया।
स्टेशन पर सभी प्लेटफार्म, मुसाफिरखाने, पार्किंग स्थल को पूरी तरह से खंगाला गया और यात्रियों के सामान की जांच की गई। मौके से बम और अन्य कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली।
जिस फोन नंबर से धमकी आई, उसकी लोकेशन के आधार पर जीआरपी व सीआईए पुलिस ने कैथल के गांव किचाना से दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान इसी गांव के भगवानदास व गुरमीत सिंह के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ जीआरपी पुलिस ने धारा-124 ए के तहत केस दर्ज किया। पुलिस इन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी।
जानकारी के अनुसार खिजराबाद के भूड़कलां स्थित हाइडल पावर प्लांट में माली के पद पर कार्यरत कैलाश चंद के मोबाइल पर बुधवार रात करीब दो बजे फोन आया। फोन करने वाले ने जगाधरी रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी। फोन कटते ही कैलाश चंद ने इसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी।
जिला पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में बिलासपुर डीएसपी नरेश अहलावत ने पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचकर कैलाश चंद से पूछताछ कर अलर्ट जारी कर दिया। रात करीब ढाई बजे विभिन्न थाना प्रभारियाें सहित डीएसपी नरेश अहलावत ने स्टेशन पर पहुंचकर रेलवे पुलिस के साथ हालात का जायजा लिया। रातभर स्टेशन पर यात्रियों और उनके सामान की जांच चलती रही। संदिग्ध व्यक्तियाें से गहनता से पूछताछ की गई।
डॉग चिल्ली व डीएसएमडी-एनएलजेडी से चप्पे-चप्पे को छाना
वीरवार दोपहर जगाधरी स्टेशन पर अंबाला-चंडीगढ़ से पहुंचे डॉग स्क्वॉयड सहित बम निरोधक दस्ते के सदस्यों ने करीब ढाई घंटे सर्च आपरेशन चलाया।
बम निरोधक दस्ते के सदस्याें ने सभी प्लेटफार्म, मुसाफिरखाने, पार्किंग स्थल व अन्य स्थानाें पर डीएसएमडी (डीप सर्च मेटल डिटेक्टर) व एनएलजेडी (नॉन लिनियर जंगशन डिटेक्टर) से चप्पे-चप्पे की जांच की। साथ ही डॉग स्क्वॉयड टीम में डॉग चिल्ली ने हर सामान को सूंघकर बम व अन्य विस्फोटक सामग्री की तलाश की। दोनों टीमों में शामिल एसआई रमेश चंद, एएसआई रघुबीर सिंह, एएसअई सुरेश पाल, एचसी हितेंद्र, सिपाही विक्रम सिंह जगदीश, दीपक, सुरेश शामिल रहे।
नौ साल से चल रहा धमकियों का सिलसिला
प्रदेश में रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी देने का सिलसिला 2006 से चल रहा है। तब से लेकर अब तक 26 जनवरी और 15 अगस्त के आसपास अंबाला छावनी, बराड़ा और जगाधरी रेलवे स्टेशन पर लश्कर-ए-तैयबा के नाम से स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरे करीब दस पत्र भेजे गए।
ये सभी पत्र आज भी जीआरपी के पास मौजूद हैं और इस तरह के पत्र भेजने वाले की तलाश जारी है। इस बार पत्र के बजाय फोन पर किसी व्यक्ति को ऐसी धमकी मिलने से पुलिस हैरत में है। अभी तक की जांच में पुलिस आतंकी धमकी के बजाय इसे शरारती तत्व की कारस्तानी मान रही है।
संदिग्ध व्यक्ति नजर आने पर उससे गहनता से पूछताछ की गई। सुबह अंबाला चंडीगढ़ से आई डॉग स्क्वॉयड व बम निरोधक दस्ते ने भी स्टेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन बम व अन्य कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जिस नंबर से फोन आया, उसकी लोकेशन के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके खिलाफ धारा-124 ए के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
जसविंदर सिंह, प्रभारी, थाना जीआरपी, जगाधरी रेलवे स्टेशन।