यमुनानगर। इंडस्ट्रीयल एरिया में दो दिन पहले ट्रक से गोदाम में स्टॉक की जा रही 1200 पेटी शराब के ठेकेदार को सीआईए टू पुलिस ने देर रात मॉडल टाउन से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ठेकेदार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां पुलिस ने आरोपी का रिमांड मांगा। लेकिन कोर्ट ने ठेकेदार को जमानत दे दी। उधर, ठेकेदार पक्ष का कहना है कि उन्हें गलत फंसाया गया है। पुलिस ने उनपर फर्जी केस दर्ज किया है, जबकि घटना के समय ठेकेदार मौके पर नहीं था। ठेकेदार के पास शराब का परमिट, एक्साइज ड्यूटी, ट्रांसपोर्ट चार्जिज जमा कराने संबंधित सभी दस्तावेज है।
सीआईए टू इंचार्ज महरूफ अली ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि दो दिन पहले अवैध शराब का जो ट्रक इंडस्ट्रीयल एरिया से पकड़ा गया था, उसका ठेकेदार जगाधरी के गांव भटली निवासी सुशील कुमार मॉडल टाउन में बैठा हुआ है। सूचना के आधार पर सब इंस्पेक्टर सुखविंद्र सिंह, कुलदीप, राजू राणा की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने दबिश देकर माडल टाउन से ठेकेदार सुशील को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद उसका मेडिकल करवाया गया। सोमवार को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर उसका एक दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन कोर्ट से शराब ठेकेदार को जमानत दे दी।
ये है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार भटली निवासी सुशील कुमार शराब ठेकेदार है। उसके मौजूदा सत्र में जिला यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र व अन्य स्थानों पर शराब के ठेके लिए हुए हैं। सीआईए टू के इंचार्ज महरूफ अली ने बताया कि ठेकेदार का एक एल-13 ग्रोवर कांप्लेक्स अंबाला में भी है। आरोप है कि ठेकेदार सुशील कुमार अपने साझेदारों के साथ मिलकर हरियाणा सरकार आबकारी नीति की अवहेलना करके अपनी मनमर्जी से शराब को गलत तरीके से महंगे दामों में बेचने के लिए हरियाणा डिस्टलरी लिमिटेड यमुनानगर से शराब लेकर उसे इंडस्ट्रीयल एरिया में अकाल टिंबर्स के गोदाम में जमा कर लेता है। फिर उस शराब को खुद या साझेदारों के साथ मिलकर अवैध तरीके से महंगे दामों पर सप्लाई करता है। दो दिन पहले सीआईए टू की टीम को सूचना मिली थी कि इंडस्ट्रीयल एरिया में सब्जी मंडी के पास शराब से भरा ट्रक से गोदाम में शराब स्टॉक की जा रही है। शराब का बिल उसने अपने एल-13 ग्रोवर कांप्लेक्स अंबाला के नाम पर कटवा रखा था। परंतु वह यह शराब इंस्ट्रीयल एरिया में गोदाम में उतरवाई जा रही है। सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर मौके से शराब की पेटियों से भरा ट्रक पकड़ा था। कुछ पेटियां गोदाम में रखी हुई थी। ट्रक चालक व ठेकेदार मौके से फरार थे। पुलिस ने तब ठेकेदार व चालक पर केस दर्ज कर शराब को अपने कब्जे में लिया था। पुलिस ने ठेकेदार सुशील को गिरफ्तार कर लिया है, ट्रक चालक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस ने किया फर्जी केस दर्ज : ठेकेदार पक्ष
आरोपी ठेकेदार सुशील कुमार के पक्ष का कहना है कि पुलिस ने उनपर फर्जी केस दर्ज किया है। जबकि वह मौके पर भी नहीं था। उसने जो शराब हरियाणा डिस्टलरी लिमिटेड से ली थी, उसका बाकायदा परमिट लिया हुआ है, एक्साइज ड्यूटी जमा कराई है, ट्रांसपोर्ट चार्जिज जमा कराए है। पुलिस की ओर से सुशील का एक दिन का रिमांड मांगा गया, लेकिन उनके कोर्ट ने उन्हें जमानत दी।