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कोरोना के बाद कोविड पोस्ट बना मुसीबत

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कोरोना संक्रमण लगातार कम हो रहा है, लेकिन महामारी को मात देने वालों में कई अन्य तरह की अन्य परेशानियां सामने आ रही हैं। करीब एक माह पहले जिले में शुरू हुए पोस्ट कोविड केयर सेंटर में अब तक 205 मरीज उपचार के लिए सामने आये हैं। इनमें सबसे अधिक मरीज शरीर में दर्द, लीवर, पैरों में दर्द, घबराहट, डिप्रेशन से संबंधित हैं।
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कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान जिले में 402 संक्रमितों को जान गंवानी पड़ी है। पहली की अपेक्षा दूसरी लहर में ज्यादा संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। राहत की बात है कि अब संक्रमण थमने लग रहा है और रिकवरी रेट भी 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है, लेकिन चिंता की बात है कि कोरोना से ठीक होने वालों को अन्य परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से ट्रॉमा सेंटर में कोविड पोस्ट क्लीनिक खोला गया है, जहां प्रतिदिन कोविड पोस्ट के मरीज पहुंच रहे हैं। मॉडल टाउन के अनिकेत ने बताया कि उसे अप्रैल माह में कोरोना हुआ था। संक्रमण पर तो जीत हासिल कर ली है, लेकिन अब पैरों में अधिक दर्द रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए कोविड क्लीनिक में उसका इलाज चल रहा है। वहीं 55 वर्षीय कैंप निवासी सुखबीरी ने बताया कि उसे मार्च में कोरोना हुआ था, जिसके कारण उसकी जान पर बन आई थी। कोरोना से वह स्वस्थ हो गई, लेकिन कुछ दिनों से लीवर में परेशानी हो रही है, जिसका इलाज जिला अस्पताल के कोविड क्लीनिक में चल रहा है। वहीं प्रतापनगर निवासी रघुवीर ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व वह कोरोना संक्रमण से ठीक हुआ था, लेकिन ठीक होने के बाद से पूरे शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। वहीं दशमेश कॉलोनी निवासी राहुल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद घबराहट होने से उसके दिल की धड़कन बढ़ गई, जिसका इलाज चल रहा है।
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