जगाधरी। नाबालिग से छेड़छाड़ करने के दोषी गांव मंधार निवासी गुरविंद्र को कोर्ट ने एक साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश डॉ. नरेश सिंहल की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब एक साल चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायधीश डॉ. नरेश कुमार सिंहल की कोर्ट ने उपरोक्त फैसला सुना दिया।
थाना छप्पर के अंतर्गत आने वाले एक गांव की नाबालिग ने 25 दिसंबर 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी कि 24 दिसंबर को उसकी मां किसी काम से रिश्तेदारी में गई थी। शाम को मां ने उसे फोन कर बताया कि वह गांव के बस अड्डे पर पहुंच गई है। इसलिए वह भी अड्डे पर आ जाए, ताकि वे दोनों बाल छप्पर रिश्तेदारी में जा सकें। शाम को सात बजे जब वह अड्डे की ओर जा रही थी, तो रास्ते में उसे गांव मंधार निवासी गुरविंद्र मिला। पीड़िता के मुताबिक गुरविंद्र ने उससे मोबाइल मांगा, जिसे उसने अपने हाथ में पकड़ा हुआ था। लेकिन उसने उसे मोबाइल देने से इंकार कर दिया। जिसके उपरांत गुरविंद्र ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी।
जब पीड़िता ने शोर मचाया, तो वह मौके से फरार हो गया। इसके उपरांत उसने पूरी घटना के बारे में अपनी मां को बताया। हालांकि पंचायती तौर पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर गुरविंद्र के खिलाफ भादंसं की धारा 354, 354ए व 8 पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायधीश डॉ. नरेश कुमार सिंहल की अदालत ने गुरविंद्र को नाबालिग से छेड़छाड़ का दोषी करार देते हुए उसे एक साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।