जगाधरी। ट्रक में ठूंस-ठूंसकर पशु भरकर तस्करी करने के चार दोषियों को कोर्ट ने दो-दो साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक महीनेे की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीश जैन की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब छह महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत शनिवार को न्यायाधीश ने उपरोक्त फैसला सुना दिया।
छह सिंतबर 2015 की रात को सदर यमुनानगर पुलिस ने कलानौर नाके के पास चार तस्करों को 59 पशुओं सहित काबू किया था। पुलिस ने गोरक्षा दल के प्रांत संयोजक रोहित चौधरी की शिकायत पर पशु तस्करों के खिलाफ भादंसं की धारा 279, 336, 473, 420 व 11 पैक्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में रोहित चौधरी ने कहा था कि छह सितंबर 2015 की रात को वह अपने साथी शक्ति व अन्य के साथ मंडौली गांव के बस स्टैंड के पास खड़ा था। उसी समय उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक बंद कंटेनर (ट्रक) में पशुओं को भरकर यूपी की ओर ले जाया जा रहा है। ट्रक पर आगे एचआर 5 एन 367 तथा पीछे एचआर 55 एन 3675 नंबर अंकित है। जिसके उपरांत उन्होंने अपनी गाड़ी को साइड में लगा दिया और सड़क से गुजर रहे वाहनों पर नजर रखनी शुरू कर दी। कुछ समय बाद एक कंटेनर आता दिखाई दिया, जिसे ट्रार्च की रोशनी दिखाकर रुकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने वाहन रोकने की बजाए उन पर चढ़ाने का प्रयास किया और अपने वाहन को यूपी की ओर तेज रफ्तार से भगा लिया। उन्होंने उसका पीछा किया तथा इसकी सूचना कलानौर चौकी पुलिस को दी। कलानौर चौंकी इंचार्ज सतनाम सिंह पुलिस टीम के साथ मुस्तैद हो गए।
कलानौर नाके पर पुलिस व गोरक्षा दल की टीम ने कंटेनर को पकड़ लिया। कंटेनर में सवार लोगों की शिनाख्त गांव खालापार जिला मुज्जफरनगर निवासी मनशाद, गंगोह निवासी शौभान, समीम व मुस्तफा के रूप में हुई। पुलिस ने ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भर रखी 26 भैंस व 33 कटड़ों को तस्करों से मुक्त करवाया। पुलिस ने आरोपियों को काबू कर गौ रक्षा दल के प्रांत संयोजक रोहित चौधरी की शिकायत पर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सात सितंबर को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगदीप जैन की कोर्ट ने मनशाद, शौभान, समीम व मुस्तफा को भादंसं की धारा 473 के तहत दोषी करार देते हुए दो साल कैद एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।