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विवाहिता की हत्या में पति व सास-ससुर को उम्रकैद

Fri, 14 Aug 2015 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
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दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या करने के दोषी पति तथा सास-ससुर को कोर्ट ने उम्रकैद तथा 36 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। करीब 11 महीने तक चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वीरवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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हत्या कर पंखे पर लटका दिया था विवाहिता का शव : पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 18 जुलाई, 2014 को छप्पर पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव कलांपुर में मनजीत कौर पत्नी परविंदर फंदे पर लटकी हुई है, जो जली हुई है। सब इंस्पेक्टर भाग सिंह ने पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस को मृतका का पिता गांव गधौला निवासी बलबीर मिला।

पुलिस को दी शिकायत में बलबीर ने कहा कि उसने अपनी बेटी मनजीत कौर की शादी 2 मई, 2007 को परविंदर से की थी। शादी के चार महीने बाद दामाद ने उसकी बेटी को दहेज में मोटरसाइकिल लाने के लिए तंग करना शुरू कर दिया। जब मांग पूरी नहीं हई, तो बेटी से मारपीट की गई। बेटी से मारपीट में उसके ससुर बलवंत, सास जवंतरी देवी, देवर प्रमोद कुमार ने भी साथ दिया। इस मामले को लेकर कई बार पंचायत हुई, जिसमें ससुरालियों ने अपनी गलती मानकर दोबारा ऐसा न करने की बात कही।
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कुछ समय बाद जब परविंदर ने बाइक खरीदी, तो उसने उसे 25000 रुपये दिए लेकिन इसके बाद भी दूसरी चीजों की मांग की जाने ली। परविंदर ने उसके बेटे सुनील को फोन कर बताया कि उसका मनजीत कौर के साथ झगड़ा हो गया है, इसलिए वे उसे अपने घर ले जाएं। जब बलबीर अन्य परिजनों के साथ मनजीत की ससुराल पहुंचा ,तो उसका शव पंखे पर लटका मिला। मृतका के पांव जले हुए थे, जबकि बेड पर भी जले हुए कपड़े बिखरे पड़े थे। पुलिस ने बलबीर सिंह की शिकायत पर मृतका के पति परविंदर, ससुर बलवंत, सास जवंतरी देवी, देवर प्रमोद के खिलाफ भादंसं की धारा 302,498ए, 201 व 149 के तहत केस दर्ज किया।

19 जुलाई को पुलिस ने मृतका के पति परविंदर तथा ससुर बलवंत को काबू कर लिया। जबकि मृतका की सास जवंतरी देवी को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 23 अगस्त को कोर्ट में चालान पेश किया। जिसके बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू हो गई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग ने मृतका के पति परविंदर, ससुर बलवंत तथा सास जवंतरी देवी को भादंसं की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
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जबकि भादंसं की धारा 498 ए में दो साल कैद तथा दो हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है। उपरोक्त दोनों सजाएं साथ साथ चलेंगी।
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