संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वित्त वर्ष 2024-25 खत्म होने से पहले अधिक से अधिक संपत्ति कर की रिकवरी के लिए शनिवार को छुट्टी में भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी कार्यालय खुले रहे। इस दौरान दोपहर बाद तक करीब 77 लाख संपत्ति कर जमा हो गया। ऐसे ही रविवार व 31 मार्च को ईद की छुट्टी पर भी नगर निगम कार्यालय खोले रखने का फैसला लिया गया है।
नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर है। इससे शहर के विकास कार्य व नगर निगम के खर्चे सिरे चढ़ पाते हैं। नगर निगम अफसरों ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में संपत्ति कर से करीब 25 करोड़ आय का लक्ष्य रखा था, पर विभागीय सूत्रों की मानें तो इस मद से करीब 13 करोड़ आय हो पाई है।
इस बार संपत्ति कर से आय लक्ष्य में पिछड़ने की एक वजह इस साल आए तीन चुनाव भी माने गए। पहले मई में लोकसभा फिर अक्तूबर में विधानसभा और अभी मार्च में नगर निगम चुनाव थे। हालांकि पहले दो चुनावों के पहले नगर निगम अफसरों की ओर बकायेदारों से संपत्ति कर की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए।
साथ ही अंतिम नोटिसों में संपत्ति सीलिंग की भी चेतावनी दी गई, पर चुनावों की घोषणा पर लगी आचार संहिता में कार्रवाई नहीं हो पाई। विधानसभा चुनाव के बाद नवंबर-दिसंबर में नोटिस देने सहित जनवरी से फरवरी के बीच 20 से अधिक संपत्तियां सील की गई। इसका असर संपत्ति कर के भुगतान पर पड़ा और लाखों रुपये संपत्ति कर जमा होने लगा। दोबारा निगम चुनाव की घोषणा से लगी आचार संहिता में बकायेदारों पर संपत्ति सीलिंग की कार्रवाई रुक गई।