यमुनानगर। जिले में इस सीजन मलेरिया का एक व डेंगू के 26 केस हो चुके हैं। इसमें रोकथाम के लिए नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में देरी से शुरू कराया फॉगिंग का कार्य भी तीन दिन से बंद है। क्योंकि नगर निगम के पास फॉगिंग के लिए दवा ही नहीं है। यह दवा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करानी है। तीन दिन पहले स्वास्थ्य विभाग से मिली 125 लीटर दवा खत्म होने के बाद से नगर निगम फॉगिंग कार्य नहीं करवा पा रहा है। हालांकि नगर निगम ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा, पर दवाई नहीं मिली। ऐसे में डेंगू-मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियों से निपटने के लिए फॉगिंग नहीं हो पा रही है।
आधे शहर में पहले चरण की ही फॉगिंग बाकी
दवा उपलब्ध होने तक नगर निगम की ओर से फॉगिंग का कार्य वार्ड अनुसार कराया जा रहा था। इसके लिए 11-11 वार्डों के दो जोन बनाए थे। इनमें जोन-1 में वार्ड नंबर 1 से 11 व जोन-2 में वार्ड नंबर 12 से 22 शामिल थे। शेड्यूल के मुताबिक एक दिन एक जोन तो अगले दिन दूसरे जोन के वार्ड में फॉगिंग कराई जा रही थी। निगम अफसरों की माने तो अभी तक जोन-1 में वार्ड नंबर 1 से 7 और जोन-2 में वार्ड नंबर-12 से 19 में पहले चरण की फॉगिंग हो गई है। यानी जोन-1 में वार्ड नंबर 8 से 11 और जोन-2 में वार्ड नंबर 20 से 22 में एक भी बार फॉगिंग नहीं हो पाई है। जबकि फॉगिंग कार्य दो से तीन चरणों में होता है लेकिन फॉगिंग के लिए बीच में ही दवा खत्म होने पर और सप्लाई न आने से ये काम तीन दिन से ठप हैं।
बिना दवा के मशीनें भी नहीं आ रही काम
पहले नगर निगम के पास एक बड़ी व छह छोटी फॉगिंग मशीनें थी, पर अभी कुछ दिन पहले ही एक बड़ी और आठ छोटी मशीनें और आई हैं लेकिन दवा न होने से पुरानी सहित मंगवाई नई मशीनें भी काम नहीं आ पा रही है। सीएसआई सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि तीन दिन से स्वास्थ्य विभाग से मिली 125 लीटर दवा खत्म है। इस कारण तीन दिन से फॉगिंग कार्य नहीं कर पा रहे हैं। दवा के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है, जैसे ही दवा की सप्लाई मिलेगी वैसे ही फॉगिंग कार्य शुरू कर दिया जाएगा।