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छह जमाती पुलिस ने पकड़े, क्वारंटाइन में रखा

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यमुनानगर। दिल्ली के मरकज में तब्लीगी जमात से लौटे छह जमातियों को पुलिस की मदद से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। रात को ही उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल लाया गया। जहां से इन्हें अलग अलग स्थानों पर क्वारंटाइन में रखा गया। वहीं, पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा भी लगा दी है। क्वारंटाइन से निकलने के बाद ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर पाएगी।
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ये लोग दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज में तब्लीगी जमात से लौटे थे। लेकिन बिना मेडिकल कराए अपने घरों में छिप गए और प्रशासन को कोई जानकारी नहीं दी। मामले में सीआईए टू के इंचार्ज उप निरीक्षक महरूफ अली को विदेश व तब्लीगी जमातों से आने वाले व्यक्तियों की जांच करने का जिम्मा दिया गया था। इसके लिए उन्हें सूची भी दी गई थी। जिस पर वह अपनी टीम के एएसआई गुरमीत सिंह, सिपाही विपिन कुमार व सिपाही संजीव कुमार के साथ बुड़िया क्षेत्र के एक गांव पहुंचे। जहां पर अब्दुल कलाम मिला। जिसने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ तब्लीगी जमात में बडौदरा गुजरात में गया था। उसके साथ अब्दुल कादिर, सुल्तान, करीम खान, मोहम्मद रफीक, अमीर, मुस्तकीम व सादीन, आरिफ, शहजाद, नफीस, जीशान और मोहम्मद इंतजार आठ फरवरी को मरकज से बड़ौदरा गुजरात के लिए गए थे। 17 मार्च को बड़ौदरा से दिल्ली के लिए चले। सभी दिल्ली में मरकज के पास तुर्कमान गेट हज कमेटी में रुके। 19 मार्च को वह ट्रेन से वापस यमुनानगर आए। रात को रेलवे स्टेशन के पास जुमा मस्जिद में रुके। 20 मार्च को सभी अपने-अपने घर आ गए। सभी जमातियों ने मेडिकल करवा लिए थे, लेकिन इन जमातिए ने मेडिकल नहीं कराया था और न ही जमात से आने की सूचना प्रशासन को दी थी। जिस पर पुलिस ने अब्दुल कलाम उर्फ अदरीश के बताए पते पर पहुंची। यहां पर जमात में गए सादीन, आरिफ, शहजाद, नफीस, जीशान व मोहम्मद इंतजार को चेक किया। लेकिन ये अपने घर पर नहीं मिले। आरोप है कि इन्होंने न तो मेडिकल करवाया और न ही अपनी मौजूदगी घर पर दिखाई। फिलहाल उनमें कोरोना वायरस के कोई संक्रमण नहीं मिले। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्वारंटाइन किया गया।
पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों को क्वारंटाइन में रखा गया है। आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा भी पुलिस द्वारा लगाई गई है। आरोपियों ने जमात से लौटने के बाद अपनी पहचान छिपाई और लोगों की जान को खतरे में डाला।
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