जगाधरी रेल वर्कशॉप में तैयार खड़ी कोरोना आइसोलेशन ट्रेन
- फोटो : AMAR UJALA
24 घंटे से भी कम समय में तैयार की गई देश की पहली कोविड -19 आइसोलेशन ट्रेन रेलवे ट्रैक पर उतार दिया गया है। जगाधरी वर्कशॉप के यार्ड से उसे नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया। रेलवे ने इसे कोविड-19 एकांत यान नाम दिया है। वहीं जगाधरी वर्कशॉप को एक सप्ताह के समय में इस तरह के 15 क्वारंटाइन कोच प्रति दिन का लक्ष्य दिया गया है।
डिप्टी सीपीओ राजीव बजाज ने बताया कि उत्तर रेलवे तय समय से पहले अपने हिस्से के 370 कोच तैयार कर देगा। हम एक ट्रेन प्रतिदिन निकालने में सक्षम हैं। इसके लिए जगाधरी में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। मंत्रालय की तरफ से पहले कोच में कुछ नई चीजें जुड़वाने का निर्देश मिला था। जिसे कंप्लीट करके ट्रेन नई दिल्ली भेज दी गई है।
इसे कोविड-19 एकांत यान का नाम दिया गया है। आइसोलेशन संबंधी जरूरतों की पूर्ति करने के लिए 80000 बिस्तरों का प्रबंध भी रेलवे कर रही है। इसके अलावा डॉक्टर, स्टाफ नर्स, मेट्रॉन और मरीजों के लिए एप्रन, पीपीई किट, कवरल, मास्क और सैनिटाइजर भी तैयार किए जा रहे हैं।
कहां कितने कोच परिवर्तित होंगे
कोरोना आइसोलेशन ट्रेन को सैनिटाइजर करते रेल कर्मचारी
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सेंट्रल रेलवे-482
एनडब्ल्यूआर-266
ईस्टर्न रेलवे-338
साउथ रेलवे-473
ईसीआर-208
एससीआर-486
ईसीओआर-261
एसईआर-329
नार्थ रेलवे-370
एसईसीआर-111
एनसीआर-290
एसडब्ल्यूआर-312
एनईआर-216
डब्ल्यूआर-410
एनएफआर-315
डब्ल्यूसीआर-133
रेल मंत्रालय ने ये बदलाव करवाएं
आइसोलेशन कोच में कोरोना मरीज के लिए सारी सुविधा होगी।
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- चिकित्सा उपकरणों को लगाने के लिए अतिरिक्त बोटल होल्डर्स।
- प्रति केबिन 2 अतिरिक्त 3 पैग कोट हुक्स।
-मच्छरों से बचाव के लिए खिड़कियों पर मच्छरदानियां ।
-केबिन में लाल, नीले और पीले रंग के 3 कूड़ेदान होंगे।
-ढक्कन को पैर से खोला जा सकेगा।
-उन पर कूड़े वाली थैलियां लगी होंगी।
-छत और खिड़कियों पर बांस की चटाइयां।
मुख्य कारखाना मैनेजर सुधांशु पंवार ने बताया कि आईसीएफ कोच को क्वारंटाइन, आइसोलेशन कोच में बदलने के लिए फ्रंट फुट पर पहल की है। इस आपातकालीन ड्यूटी के लिए बुलाए गए कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें विशेष दस्ताने, सैनिटाइजर, पीपीई किट प्रदान की है। पहली ट्रेन नई दिल्ली रवाना कर दी गई है।