संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। साध्वी रबिया भारती ने संगत को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। उन्होंने नगरवासियों को तीज पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
उन्होंने कहा कि तीज भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह केवल बाहरी उत्सव और परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रेम, श्रद्धा, समर्पण, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी निहित है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के पर्व-त्योहार लोगों को अपनी जड़ों, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का ज्ञान आने से भक्ति, विवेक और सकारात्मक चिंतन का जागरण होता है। सद्गुरु की कृपा से मनुष्य बाहरी परिस्थितियों के साथ अपने भीतर के अज्ञान और विकारों पर विजय पाने की दिशा में आगे बढ़ता है। पर्वों की सार्थकता तभी है, जब उनके माध्यम से जीवन में प्रेम, सद्भाव, संयम और आध्यात्मिक चेतना को अपनाया जाए।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी असंख्य वीर शहीदों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके बलिदान को याद करना और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्रता बाहरी बंधनों से मुक्ति के साथ-साथ भय, अज्ञानता, नकारात्मकता और विकारों से मुक्ति भी है।
साध्वी ने संगत से भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने, राष्ट्रहित में योगदान देने और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में साध्वी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों से संगत भावविभोर हो गई। विश्व शांति की प्रार्थना और सामूहिक ध्यान साधना के साथ सत्संग का समापन हुआ।