संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में विकास कार्यों को गति देने के लिए उपायुक्त प्रीति ने शनिवार को नगर निगम अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में निर्माणाधीन विकास कार्यों, टेंडर अलॉट होने के बावजूद शुरू न हो पाए प्रोजेक्ट तथा शुरू होकर बीच में बंद पड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने विकास कार्यों में देरी करने वाले ठेकेदारों से जवाब तलब करने के लिए निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने वार्ड-वाइज समीक्षा करते हुए सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं से सीधे जवाब तलब किए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी लंबित और निर्माणाधीन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि शहरवासियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जो एजेंसियां या ठेकेदार निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं। बैठक में अमृत योजना, डी-प्लान और सीएम अनाउंसमेंट के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने शहर के प्रमुख प्रोजेक्ट्स जैसे ओपन एयर थिएटर और ऑडिटोरियम, जिमखाना क्लब रोड, गोविंदपुरी रोड और वर्कशॉप रोड के सौंदर्यीकरण, हमीदा पार्क के विकास, 41 हजार एलईडी लाइट लगाने की परियोजना और नगर निगम कार्यालय के नए भवन के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली।
प्रत्येक कनिष्ठ अभियंता से चल रहे कार्यों का प्रतिशत, शेष कार्य और संभावित पूर्णता समय के बारे में पूछा गया। टेंडर अलॉट होने के बाद भी जिन कार्यों की शुरुआत नहीं हुई, उनके कारणों पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रशासनिक, तकनीकी या अन्य किसी भी प्रकार की अड़चन को तुरंत दूर कर कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने कहा कि हर वार्ड में चल रहे विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति के लिए संबंधित सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता जिम्मेदार होंगे। सभी इंजीनियरों को अपने-अपने वार्डों में नियमित निरीक्षण करने और प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि शहर में किए जा रहे विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए और कहा कि किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में समाधान शिविर, सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल पर लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।