साढौरा। पौराणिक तोरावांला तालाब का जीर्णोद्धार करते हुए नगर पालिका ने इसकी स्वच्छता बनाए रखने का दावा किया था, पर अब साथ लगती कृष्णा कॉलोनी के नाले का दूषित व बदबूदार पानी तोरांवाला तालाब में बहाए जाने से दावों पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र के संदीप गुप्ता, प्रदीप और लखबीर ने बताया कि जीर्णोद्धार कार्य शुरू होने से पहले तालाब प्राधिकरण के अधिकारियों ने कॉलोनी के नाले को डायवर्ट करके पुलिस कॉलोनी के पास वाले नाले में शामिल करने की बात कही थी, पर बाद में कॉलोनी के नाले का पानी तालाब में ही बहाने की योजना बना दी गई।
इसके लिए एक प्राकृतिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाने की बात कही गई। संदीप गुप्ता ने बताया कि यह प्लांट पहली ही बरसात की भेंट चढ़ जाने के कारण काम शुरू ही नहीं कर पाया। जिसके कारण अब कॉलोनी का दूषित पानी सीधा तालाब में ही जा रहा है। इस कारण तालाब का स्वच्छ पानी भी प्रदूषित हो रहा है। इससे इस तालाब के तट पर धार्मिक कर्म करने वालों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। आनंद ओबेरॉय, मुस्तकिन और रवि ने कहा कि अगर नाले के पानी को डायवर्ट करने के बजाय वाटर ट्रीटमेंट को ही माध्यम बनाया गया तो इस एंट्री प्वाइंट पर गंदगी व बदबू रहेगी। इसलिए नाले को डायवर्ट करना ही बेहतरीन रहेगा। नगर पालिका चेयरपर्सन शालिनी शर्मा ने बताया कि इस बारे में तालाब प्राधिकरण से बात की जाएगी। -