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Yamuna Nagar News: उपभोक्ता आयोग ने दिया 45 दिन में किसान को कनेक्शन देने का आदेश

Tue, 10 Mar 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के मामले में एक किसान को राहत देते हुए बिजली निगम को 45 दिनों के भीतर कनेक्शन जारी करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में कनेक्शन जारी नहीं किया गया तो बिजली निगम को हर माह 5000 रुपये मुआवजा देना होगा। मामला प्रताप नगर क्षेत्र के गांव भिलपुरा निवासी 33 वर्षीय मोहित का है। मोहित ने 15 अप्रैल 2022 को अपने खेत में ट्यूबवेल के लिए 3.73 किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आवेदन संख्या वाई 36-422-71 के तहत उसने निर्धारित शुल्क भी ऑनलाइन जमा कराया था।
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शिकायतकर्ता के अनुसार बिजली निगम के अधिकारियों ने साइट का निरीक्षण भी किया और आश्वासन दिया कि छह माह के भीतर कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद भी काफी समय बीतने के बावजूद कनेक्शन जारी नहीं किया गया। किसान कई बार निगम कार्यालय के चक्कर लगाता रहा, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कनेक्शन न मिलने से उसे खेती में परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अंततः उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।

सुनवाई के दौरान बिजली निगम की ओर से कहा गया कि हरियाणा सरकार के निर्देशों के तहत जारी सेल्स सर्कुलर यू-06/2023 के अनुसार 10 बीएचपी तक के ट्यूबवेल कनेक्शन हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हैरेडा) के माध्यम से सोलर ऑफ ग्रिड मोड पर दिए जाने हैं। वहीं 10 से 35 बीएचपी तक के कनेक्शन निगम द्वारा जारी किए जाएंगे। निगम ने यह भी कहा कि अभी 10 बीएचपी से कम लोड वाले कनेक्शन के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2022 में आवेदन किया था, जबकि संबंधित सेल्स सर्कुलर मई 2023 में जारी हुआ। ऐसे में बाद में जारी निर्देशों को पहले से किए गए आवेदन पर लागू नहीं किया जा सकता। आयोग ने यह भी कहा कि यदि सोलर ऑफ ग्रिड मोड लागू करना था तो बिजली निगम को समय रहते शिकायतकर्ता को इसकी सूचना देनी चाहिए थी।
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वहीं, आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह तथा सदस्य जसविंदर सिंह और सुमन राणा की पीठ ने मामले का निस्तारण करते हुए बिजली निगम को आदेश दिया कि शिकायतकर्ता को 45 दिनों के भीतर ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन जारी किया जाए। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी कनेक्शन जारी नहीं किया जाता है तो बिजली निगम को देरी की अवधि के लिए हर माह 5000 रुपये मुआवजा देना होगा।
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