यमुनानगर। जिले में अभी भी बड़ी संख्या में पात्र लोग आयुष्मान भारत और वय वंदना योजना के कार्ड बनवाने से वंचित हैं। जिला प्रशासन के अनुसार यमुनानगर में आयुष्मान व चिरायु योजना के 8,37,359 पात्र लाभार्थियों में से अब तक 7,55,025 लोगों ने ही अपने कार्ड बनवाए हैं, जबकि 82,334 लाभार्थियों के कार्ड अभी बनने बाकी हैं। इसी प्रकार 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 76,334 बुजुर्ग वय वंदना कार्ड के पात्र हैं, लेकिन इनमें से केवल 11,073 लोगों ने ही कार्ड बनवाया है, जबकि 65,261 बुजुर्गों के कार्ड अभी बनना शेष हैं।बता दें सरकार की ओर से पात्र नागरिकों को योजना का लाभ दिलाने के लिए 31 मार्च 2026 तक आयुष्मान भारत कैंप पखवाड़ा चलाया जा रहा है। जिन लाभार्थियों ने अभी तक आयुष्मान भारत कार्ड, चिरायु कार्ड या वय वंदना कार्ड नहीं बनवाया है, वे इस अभियान के दौरान अपना कार्ड बनवाकर योजना का लाभ ले सकते हैं। इन कार्डों के माध्यम से जरूरत पड़ने पर सरकारी व निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है।
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत लाभार्थियों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलता है। योजना के अंतर्गत करीब 1600 प्रकार की बीमारियों का उपचार कवर किया गया है। इनमें हृदय संबंधी सर्जरी जैसे बायपास और एंजियोप्लास्टी, किडनी रोगों के लिए डायलिसिस तथा कैंसर के उपचार के लिए कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह सुविधा सूचीबद्ध सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में उपलब्ध है।
नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत डॉ. वागीश गुटैन ने पात्र नागरिकों से अपील की कि वे अपने नजदीकी नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आयुष्मान मित्र के माध्यम से जल्द से जल्द अपना कार्ड बनवाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर इस योजना का लाभ लिया जा सके।