रेलवे लाइन ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए डाली जा रही बिजली की लाइन से चोरों ने करीब 87 हजार रुपये के कंडक्टर व अन्य उपकरण चोरी कर लिए। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के चीफ मैनेजर सुरेंद्र सिंह ने छप्पर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे लाइन पर बिजली प्रदान करने के लिए पावर ग्रिड अब्दुल्लापुर सब स्टेशन से फर्कपुर तक लगभग 10 किलोमीटर लंबी 220 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया जा रहा है। यह निर्माण रेल मंत्रालय के तहत एक संगठन मैसर्स डीएफसीसीआईएल (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) की ओर से पावर ग्रिड द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत कुल 39 टावर लगाए जाने है। जिनमें से 37 टावरों के लिए नींव का काम पूरा हो चुका है और 34 टावरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसकी 1.3 किमी स्ट्रिंगिंग का काम पूरा हो चुका है। चार अप्रैल को वह इस लाइन का निरीक्षण कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान गांव भंभौली के पास उनके टावर नंबर छह और सात के बीच 300 मीटर बिजली लाइन एल्यूमीनियम कंडक्टर व अन्य बिजली उपकरण चोरी थे। जिनकी कीमत 87401 रुपये है। चोरी की शिकायत उन्होंने पुलिस को दी। छप्पर पुलिस ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।